बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन मैलानी रेंज जटपुरा बीट के जंगल के बरौंछा नाले से निकलकर बाघ मंगलवार सुबह पांच बजे ढ़ाका गांव में पहुंच गया। यहां बाघ ने गांव निवासी नन्हके के घर के अंदर खूंटे से बंधे बछड़े पर हमला कर मार डाला। यह देख घरों में मौजूद लोगों के होश उड़ गए। उनके शाेर-गुल मचाने पर वह बरौंछा नाला की झाड़ियों में छिप गया। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची वन कर्मियों की टीम को मौके पर बछड़े का अधखाया शव मिला है।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई महीने से बाघ बरौंछा नाले में डेरा जमाए हुए है। बरौंछा नाला से निकलकर बाघ चहलकदमी करता हुआ ढ़ाका, कुकरा और हरदुआ गांव में आबादी तक पहुंच रहा है। बछड़े का शिकार करने के बाद बाघ ने ढ़ाका गांव के पास डेरा जमा लिया है। गांव के पास बाघ होने से ग्रामीण दहशत में है। वह खेतों की ओर नहीं जा पा रहे हैं। इस वजह से फसलों की रखवाली के साथ सिंचाई का काम भी प्रभावित हो रहा है। वहीं, वन विभाग की टीम निगरानी तक सीमित है।
रेंजर मैलानी साजिद हसन ने बताया कि बछड़े के अधखाये शव को जमीन में दफना दिया गया है। निगरानी कराई जा रही है। ग्रामीणों को सतर्कता बरतनी चाहिए।