मझगईं। कस्बे में तिकोना फार्म वाले रास्ते पर मंगलवार सुबह तारासिंह की पुलिया के पास एक बाघ गुजर रहे दुग्ध वाहन के सामने अचानक आ गया। इससे चालक के ठंड में पसीने छूट गए। उसने वाहन वहीं रोक दिया। कुछ देर बाद बाघ पास की झाड़ियों में जाकर कहीं गुम हो गया।
पलिया की एक दुग्ध डेयरी का वाहन तिकोना फार्म जा रहा था। वाहन को चला रहे मझगईं निवासी मोहम्मद वसीम के मुताबिक, करीब बीस सेकंड तक बाघ हाईवे पर रुका। इसके बाद नकटे बाबा मंदिर जाने वाले रास्ते पर जाकर झाड़ियों में लुप्त हो गया तब उन्होंने राहत की सांस ली।
गौरतलब है कि हिंसक वन्यजीव बराबर लोगों को हाईवे पर नजर आ रहे हैं। कुछ दिन पहले बेला रपटा पुल के पास भी एक ऑटो के सामने बाघ आ गया था। सामने से आ रहे एक अन्य वाहन के चलते लोगों की जान बच सकी थी। ग्राम पंचायत बेलाकलां के मजरा बेला खुर्द गांव के उत्तर खेतिहर इलाके में एक आवारा सांड़ को बाघ ने मौत के घाट उतार दिया था। इससे इलाके में दहशत है।
-बाघ की लोकेशन पता करने के लिए वन कर्मियों ने की पेट्रोलिंग
ममरी। मोहम्मदी वन रेंज की बिलहरी बीट क्षेत्र में बाघ की बढ़ती चहल-कदमी को ध्यान में रखते हुए वनकर्मियों ने बाघ की लोकेशन ट्रेस करने के लिए पेट्रोलिंग शुरू कर दी है। साथ ही गांव में जाकर ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं। दो दिन पूर्व बाघ ने गांव कोटखेरवा में एक महिला की बकरी को हमला कर मार डाला था। रेंजर निर्भय प्रताप शाही ने बताया कि बाघ की लोकेशन पता करने के लिए बिलहरी बीट के फॉरेस्टर विजय सिंह, रोहित सिंह, सचिन वर्मा और अरविंद कश्यप आदि वनकर्मियों को लगा दिया गया है। वे खेतों में पेट्रोलिंग कर गांव-गांव जाकर ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं। संवाद
बाघ ने किया कुत्ते का शिकार, फैली दहशत
पलियाकलां। चौरी खालेपुरवा में सोमवार रात बाघ ने एक कुत्ते को मार डाला। घटना से ग्रामीणों में दहशत है। रात करीब 10 बजे बलकार सिंह और धर्मेंद्र सिंह के झाले के पास गन्ने के खेत में घात लगाकर बैठे बाघ ने कुत्ते को दौड़ाकर पकड़ लिया। उसकी आवाज सुनकर आसपास के लोगों ने गन्ने के खेत में ईंट-पत्थर चलाए, गोला दागे। इससे बाघ कुत्ते को छोड़कर भाग गया। बुरी तरह घायल कुत्ता करीब दो घंटे ही जिंदा रहा। सुबह वन विभाग को सूचना दी गई। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। संवाद
दूसरे दिन भी काॅम्बिंग की, पर नजर नहीं आया तेंदुआ
महेवागंज। दक्षिण खीरी के गोला वन रेंज के सिंगारपुर गांव में रविवार रात घनी आबादी के करीब तेंदुए ने एक छुट्टा पशु का शिकार किया था। इससे ग्रामीणों में दहशत है। वन कर्मियों ने दूसरे दिन भी काॅम्बिंग की। उन्हें पैरों के निशान या तेंदुए की कोई लोकेशन नहीं मिली। टीम के साथ पहुंचे वन दरोगा कुलदीप सिंह सेंगर ने बताया कि सोमवार को सिंगारपुर में पानी की टंकी के पास खेत में तेंदुआ के पग मार्क और छुट्टा गोवंश का अधखाया शव मिला था। इसके बाद बराबर निगरानी की गई। साथ ही लोगों को सतर्क किया गया। वन कर्मी तेंदुए के जंगल में लौट जाने के कयास लगा रहे हैं। संवाद