मार्च तक चुनाव होने के चलते बने ऐसे हालात
चालू वर्ष में 17033 आवासों के निर्माण का था लक्ष्य
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष के बिल्कुल ड्राई रहने के हालात बन गए हैं। इस वर्ष 17003 आवास बनाने का लक्ष्य मिला था, लेकिन अधिकारियों की सुस्त कार्यशैली से पात्रों की सूची फाइनल करने में विलंब हुआ, जिसके चलते चुनाव की घोषणा होने से पूर्व तक प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। लिहाजा विधानसभा चुनाव की घोषणा होने से मौजूदा सत्र में लाभार्थियों को आवास बनाने के लिए धनराशि मिलने की संभावनाएं लगभग खत्म है। हालांकि अफसर कुछ उम्मीद जता रहे हैं।
बता दें कि वर्ष 2016-17 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले को 17033 आवास बनाने का लक्ष्य मिला था, जिसमें सामाजिक आर्थिक जातिगत जनगणना के आधार पर लाभार्थियों का चयन किया जाना है। साथ ही लाभार्थियों की सूची और स्थान संबंधी सूचनाओं को ऑनलाइन प्लान साफ्टवेयर पर अपलोड कराया गया है, जिसमें कई महीनों तक कार्यवाही चलती रही। सूत्रों की माने तो अब भी कई ब्लाकों ने लाभार्थियों के रजिस्ट्रेशन कराकर सूची परियोजना निदेशक कार्यालय को भेजी नहीं है, जिससे लाभार्थियों के चयन में देरी हुई हैै। ब्लाक स्तर पर लाभार्थियों का रजिस्ट्रेशन कराया जाना है, जिसके बाद जिला मुख्यालय पर लाभार्थियों की सूची को सेंशन किया जाना है। परियोजना निदेशक वीरेंद्र यादव ने बताया कि लक्ष्य के सापेक्ष ज्यादातर लाभार्थियों का चयन कर लिया गया है, लेकिन अब तक 160 लाभार्थियों की स्वीकृत संस्तुति की जा चुकी है। जिन्हें विधानसभा चुनाव के बाद पैसा मिलने की संभावनाएं हैं। अन्य लाभार्थियों की सूची चुनाव बाद ही स्वीकृत की जाएगी।
इंदिरा आवास का लक्ष्य नहीं हो सका पूरा
पिछले वर्ष 2015-16 में जिले को 21270 इंदिरा आवास बनाने का लक्ष्य मिला था, जिसमें से अभी तक 20600 आवास पूर्ण हो सके हैं। शेष आवासों को जल्द पूर्ण कराने की बात अफसर कह रहे हैं।
पूरा नहीं हो सका 1315 आवास बनाने का लक्ष्य
निघासन। ब्लाक क्षेत्र की 66 ग्राम पंचायतों में 1315 आवास बनाने का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है। कुल 2561 लाभार्थियों को मंजूरी मिली थी, लेकिन चालू वित्तीय वर्ष में शासन ने आवासों की संख्या घटाकर 1315 कर दी। बीडीओ जितेंद्र पाल सिंह के अनुसार सूची में कई अपात्र व्यक्तियों के नाम पाए गए। डोर टू डोर आवासों का सत्यापन कराने में समय अधिक लग गया, जिसके चलते कार्य समय से पूरा नहीं हो सका। अचार संहिता समाप्त होने के बाद आवास बनाने का कार्य शुरू हो जाएगा।