निघासन (खीरी)। बेलरायां रेंज की बैरिया बीट में शनिवार सुबह एक और तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। छह माह में पकड़ा गया यह 17वां तेंदुआ है। बकरी का शिकार करने के लालच में वह फंस गया। वन विभाग की टीम ने उसे सुरक्षित कब्जे में लेकर रेंज कार्यालय पहुंचाया। लगातार दूसरे दिन तेंदुआ पकड़े जाने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
वन विभाग ने बैरिया गांव के उत्तर-पूर्व में राजू बाबा की बाग के पास तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया था। इसमें बकरी बांधी गई थी। शनिवार सुबह तेंदुआ पिंजरे में कैद हुआ तो मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। वन दरोगा आकाश खरवार, इसरार हुसैन और वाचर अजीज समेत वनकर्मियों ने उसे कब्जे में लिया।
उत्तर निघासन वन रेंज के रेंजर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर उसे सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा।
वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, कटैला फार्म, सिंहौना, नौरंगाबाद, रननगर, सिंगहा, भिड़ौरी, मूर्तिहा, इंदरनगर और बैरिया-नौबना समेत विभिन्न क्षेत्रों में छह माह के दौरान अब तक 17 तेंदुए पकड़े जा चुके हैं। उनकी लगातार आवाजाही को देखते हुए वन विभाग ने कई स्थानों पर पिंजरे लगाए हैं और वनकर्मियों की टीमें निगरानी कर रही हैं। ग्रामीणों से तेंदुआ दिखाई देने पर उसके पास नहीं जाने और तत्काल वन विभाग को सूचना देने की अपील की गई है।
-कई लोगों पर किया था हमला
क्षेत्र में तेंदुए के हमलों से ग्रामीण लंबे समय से दहशत में हैं। 25 मार्च को फुटहा फार्म में किसान जोगा सिंह की सात वर्षीय बेटी सिमरन की तेंदुए के हमले में मौत हो गई थी। इसके बाद 18 अप्रैल को निबौरिया गांव के नयापुरवा में चार वर्षीय दिलशाद का शव खेत में मिला था। वहीं, 25 अप्रैल को सहिजना गांव में संध्या देवी की भी तेंदुए के हमले में मौत हो गई थी। इन घटनाओं के बाद वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में पिंजरे लगाकर निगरानी बढ़ा दी है।