ऑपरेशन के बाद किशोर। स्रोत : विभाग
लखीमपुर खीरी। राजकीय मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित जिला अस्पताल में ईएनटी विभाग की टीम ने एक बेहद कठिन और जोखिम भरा ऑपरेशन कर किशोर की जान बचाई। कोतवाली क्षेत्र के चखरा गांव में मंगलवार को रामगोपाल के 15 वर्षीय पुत्र विक्रम की संदिग्ध परिस्थितियों में गर्दन कट गई थी। इसमें सांस की नली, खाने की आधे से ज्यादा नली और गले का काफी हिस्सा कट चुका था।
गंभीर अवस्था में उसे जिला अस्पताल लाया गया, जहां ईएनटी विभाग के प्रोफेसर डॉ. अमित कुमार सिंह ने अपनी टीम के साथ इस सफल ऑपरेशन को किया। टीम में जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरके कोली और सर्जन डॉ. हर्ष देव भारती भी शामिल रहे।
डॉ. अमित सिंह ने बताया कि ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था। मरीज की जान कभी भी जा सकती थी। समय रहते कटे गले से सांस की पाइप डालकर मरीज की जान बचाई गई। साथ ही रक्तस्राव को भी नियंत्रित किया गया। मरीज की हालत सामान्य होने के बाद उसकी उम्र और स्थिति को ध्यान में रखते हुए केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर, लखनऊ रेफर किया गया है। वहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
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यह ऑपरेशन न केवल मेडिकल कॉलेज के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि जनपद के मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण भी साबित होगी।
-डॉ. वाणी गुप्ता, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज