राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने बैठक कर आंदोलन खाका खींचा
15 सूत्री मांगों को लेकर उपज रहा असंतोष
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने प्रदेश सरकार के खिलाफ आंदोलन की तैयारी तेज कर दी है। संगठन के अध्यक्ष महंत सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों पर शासन की उपेक्षा से मजबूरन आंदोलन का रास्ता ही चुनना पड़ेगा। उन्होंने कहा है कि कर्मचारियों से संबंधित 15 सूत्रीय मांगों को लेकर पहले कई बार मांग की जा चुकी है, जिसको शासन स्तर पर बैैठे अधिकारी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। इसलिए 20 अगस्त तक जिला स्थित कार्यालयों में बैठक कर कर्मचारियों को एकजुट किया जाएगा, जिसके बाद 21 अगस्त को जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
जिला अस्पताल के सभागार में बैठक हुई, जिसमें 21 अगस्त को होने वाले धरना प्रदर्शन की सफलता के लिए रणनीति बनाई गई। बैठक में संगठन के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने विचार विमर्श किया। मंत्री डा.परमानंद ने कहा कि फार्मासिस्ट संवर्र्ग को उत्तराखंड की भांति अन्य वेतन भत्ते तत्काल दिए जाएं। पुरानी पेंशन व्यवस्था को तत्काल बहाल करने की जरूरत है। संगठन की अन्य मांगों जैसे माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, सहायक बचत अधिकारी, सींचपाल आदि की वेतन विसंगति को दूर किया जाए। बैठक में अध्यक्ष ने बताया कि 16 सितंबर 2014 को प्रदेश के विभिन्न जिलों से कर्मचारी लखनऊ पहुंचेंगे और विधानसभा के सामने धरना प्रदर्शन करेंगे। नौ एवं 10 अक्तूबर 2014 को दो दिवसीय कार्य बहिष्कार किया जाएगा। 12 अक्तूबर 2014 को केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक लखनऊ में होगी। इसमें आंदोलन की समीक्षा करके अनिश्चतकालीन हड़ताल का निर्णय लिया जाएगा। बैठक में डॉ.आरके कनौजिया, डॉ.आरके पांडे, छंदा पांडे, शीतला प्रसाद, रोजअली, लालता प्रसाद, रमेश वाल्मीकि आदि उपस्थित रहे।