- फूलबेहड़ और मैलानी क्षेत्र में हुए दोनों हादसे
- पुलिस के रवैये के विरोध में ग्रामीणों ने जाम लगाया
- भीरा-लखीमपुर राजमार्ग चार घंटे जाम किया
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर/बिजुआ/मैलानी। सोमवार को दो सड़क हादसों में सात लोगों की मौत से पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया। अफसरों ने पहुंच कर स्थिति को संभाला। उधर, दुर्घटनाओं का शिकार हुए लोगों के परिवारों में कोहराम मचा है।
फूलबेहड़ थाना क्षेत्र के अंदेशनगर के पास सैदी फार्म में फूलपति पत्नी सुदामा और मतिया देवी पत्नी जोगिंदर अपने बच्चों के साथ दिन में करीब एक बजे राजमार्ग के किनारे बैठी हुई थी, तभी सुंदरवल से लखीमपुर की ओर जा रही तेज रफ्तार कार इनको रौंदती हुई पेड़ से जा टकराई। हादसे में कन्हैया (8) और मन्हई (6) गंभीर रूप से घायल हो गए। उपचार के लिए इन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस बीच मौके पर पहुंचे लोगों ने सुंदरवल चौकी इंचार्ज पर आरोप लगाया कि उन्होंने मौके पर आते ही मृतकों के शव एक जिप्सी से भेज दिए लेकिन घायलों को तरजीह नहीं दी। इस पर महिलाओं और पुरुषों ने रास्ता जाम कर दिया। जाम करीब चार घंटे रहा और इससे इस रास्ते से आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी हुई।
इस बीच एसपी अरविंद सेन भी मौके पर पहुंच गए। परिवार वालों ने मांग की कि मृतकों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा और जमीन दी जाए। एडीएम हरिकेश चौरसिया ने मौके पर मृतकों को मुख्यमंत्री राहत कोष से दो-दो लाख मुआवजा और तत्काल पारिवारिक सहायता के तौर पर 30 हजार रुपये मुआवजा देने का आश्वासन दिया।
उधर, मैलानी में पलिया रोड पर रेलवे क्रासिंग के पास से मैलानी से एक लोडर यूपी 31टी 5156 और पिकअप संख्या यूपी 31टी 4701 में सवार होकर जंगल से कटरुआ बीनने के लिए कस्बे के लोग भीरा की ओर जा रहे थे। करीब छह किमी दूर पहुंचने पर आगे चल रहे लोडर को ओवरटेक करने के प्रयास में पिकअप चालक नियंत्रण खो बैठा और पिकअप पलट गई। इससे पिकअप में सवार नगर के दो लोगों की मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल 40 वर्षीय गंगा देवी पत्नी प्रकाश को इलाज के लिए लखनऊ रेफर किया गया है। इसके अलावा पिकअप में सवार मोहल्ला रामलीला निवासी जोगेश, शांति, ईश्वर चंद्र, प्रकाश, नीरज, निर्मला, रामकुमार, संजय, नत्थू, गुड्डी, नीरज पुत्र श्रीकिशन, दशरथ, मोहल्ला पंचायत निवासी चिंटू, पटाखे और उनका पुत्र मोनू, गौतम नगर निवासी राजेश, दिनेश घायल हो गए। इनमें राजेश, प्रकाश, मथुरा और सोनू की हालत गंभीर है। इसके अलावा कई गंभीर घायलों को यहां प्राथमिक इलाज के बाद गोला, भीरा और लखीमपुर भेजा गया है।
एसओ आरपी यादव ने बताया कि पिकअप चालक को हिरासत में ले लिया गया है। पिकअप में सवार ग्राम हरनाई, जिला शाहजहांपुर निवासी बृजेश की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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पुलिस मृतकों को गाड़ी से ले गई पर घायलों को छोड़ा
क्रासर...
गुस्साए लोगों ने गाड़ी में तोड़फोड़ कर पुलिस को खदेड़ा
चार घंटे तक जाम रहा राजमार्ग
एडीएम, एसपी ने पहुंचे मौके पर पहुंच स्थिति संभाली
बिजुआ (लखीमपुर खीरी)। भीरा-लखीमपुर राजमार्ग पर एक तेज रफ्तार कार द्वारा सड़क के किनारे बैठे एक ही परिवार के सात लोगों को रौंदे जाने के बाद पुलिस की गैर जिम्मेदाराना कार्यप्रणाली से ग्रामीण आक्रोशित हो गए। करीब चार घंटे तक राजमार्ग ग्रामीणों के कब्जे में रहा। इस दौरान पुलिस को भारी विरोध का सामना करना पड़ा और लोग पुलिस के साथ मारपीट पर आमादा हो गए। हालांकि एडीएम हरिकेश चौरसिया और एसपी अरविंद सेन ने लोगों को समझाकर यातायात सुचारू कराया।
हादसे की भयानकता को देखकर गांव में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंची सुंदरवल पुलिस पर आरोप है कि वह मौके से मृतकों को तो गाड़ी में ले गई, लेकिन घायलों को तड़पता छोड़ दिया। इस बात से नाराज परिवार वाले पुलिस के खिलाफ भड़क गए, ग्रामीणों के साथ सड़क जामकर राजमार्ग बंद कर दिया। मौके पर लोगों ने पुलिस से धक्का-मुक्की कर अपने गुस्से का इजहार किया। करीब चार घंटे तक बवाल होता रहा। नाराज लोग पुलिस से वापस शव लाने की मांग करने लगे। पुलिस की कारवाई से नाराज महिलाओं ने रास्ता जाम कर दिया। इस बीच पुलिस अधीक्षक अरविंद सेन भी पहुंच गए। करीब तीन घंटे तक बारिश के बीच माहौल गर्म रहा। आखिरकार पुलिस को चारों शव वापस मंगाने पड़े, जिसके बाद जिप्सी को देखकर भीड़ ने उसका शीशा तोड़ दिया। परिवार वालों ने मांग की कि पांच-पांच लाख मुआवजा व जमीन दी जाए। एडीएम हरिकेश चौरसिया ने मुख्यमंत्री राहत कोष से दो-दो लाख मुआवजा व तत्काल पारिवारिक लाभ योजना से 30 हजार आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया। इसके बाद लोगों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने दिया। मौके पर एएसपी बीवी सिंह, एसडीएम सदर पीके सिंह, धौरहरा सीओ मनोज कुमार यादव, शहर कोतवाल डीके उपाध्याय, भीरा एसओ अजय यादव के अलावा फूलबेहड़ फरधान समेत कई थानों का फोर्स मौके पर मौजूद रहा।
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घर के मुखिया गए कमाने
अंदेशनगर सड़क हादसे में जान गवाने वाले कुनबे के महेवागंज। मुखिया जोगिंदर और सुदामा कई दिनों से घर से बाहर हैं। बताते हैं कि दोनों भाई अपने परिवार के पालन पोषण के लिए दिल्ली मजदूरी करने गए हैं। सोमवार को सड़क हादसे में दोनों की पत्नियां और तीन बच्चों की जान चली गई। पड़ोसी और परिवार वाले इस हादसे से हिल गए हैं। वे कहते हैं किस मुंह से इतनी बुरी खबर उन्हें दें। अंदेशनगर का समूचा इलाका गमगीन है।
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खुर्दा गांव में हुए हादसे की याद हुई ताजा
महेवागंज। इस दर्र्दनाक हादसे ने एक बार फिर से लोगों में सिहरन पैदा कर दी है। करीब नौ महीने पहले मितौली थाना क्षेत्र में लखीमपुर-मैगलगंज मार्ग स्थित सड़क किनारे बसे खुर्दा गांव में कार्र्यक्रम के दौरान फिल्म देख रहे ग्रामीणों को एक बेकाबू कार ने रौंद दिया था। इस हादसे में दर्जनों ग्रामीण कार की चपेट में आए थे, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी। हादसे की भयानकता इस बात से समझी जा सकती है कि परिवारोें के कई सदस्य मौत का शिकार बने थे। सोमवार को अंदेशनगर में हुए हादसे ने खुर्दा गांव की याद ताजा कर दी।