भाजपा ने किया जोरदार प्रदर्शन, ज्ञापन दिया
कहा, समस्याएं हल न हुईं तो होगा बड़ा आंदोलन
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। अंधाधुंध बिजली कटौती, प्रदेश में ध्वस्त कानून व्यवस्था के खिलाफ और गन्ना भुगतान की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को भाजपा सड़कों पर उतर आई। भाजपा कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। भाजपा के प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कलक्ट्रेट गेट पर ही रोक दिया। बाद में एसडीएम ने गेट पर पहुंचकर ज्ञापन लिया।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भाजपा कार्यकर्ता पहले पार्टी कार्यालय पर इकट्ठा हुए, वहां से उन्होंने जुलूस के रूप में कलक्ट्रेट की ओर कूच किया। जुलूस का नेतृत्व भाजपा जिलाध्यक्ष विनोद मिश्र कर रहे थे। भाजपा कार्यकर्ताओं का जुलूस नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट गेट पर पहुंचा। जहां मौजूद पुलिस ने जुलूस को आगे बढ़ने से रोक दिया। इससे नाराज पार्टी कार्यकर्ता गेट के सामने ही धरने पर बैठ गए और प्रदेश सरकार विरोधी नारे लगाने लगे। तमाम कार्यकर्ताओं ने मानव शृंखला बनाकर विरोध प्रगट किया।
कुछ देर बाद एसडीएम सदर प्रमिल कुमार सिंह धरनास्थल पर पहुंचे। पार्टी जिलाध्यक्ष विनोद मिश्र ने उन्हें राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। विनोद मिश्र ने मांग की कि गन्ना मूल्य का बकाया भुगतान तत्काल किसानों को किया जाए, बिजली की कटौती कम हो और सप्लाई दुरुस्त की जाए। इसके साथ ही लोकल फाल्ट को तत्काल ठीक करने की व्यवस्था की जाए। पुराने और जर्जर ट्रांसफार्मरों और बिजली तारों को बदल कर उनकी जगह अधिक क्षमता के नए ट्रांसफार्मर और नए तार लगाए जाएं ताकि लो वोल्टेज की समस्या से लोगों को निजात मिल सके।
भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया कि पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। आए दिन अपहरण, बलात्कार, हत्या, डकैती, राहजनी आदि की घटनाएं हो रहीं हैं। इससे आम लोग भय के वातावरण में जी रहे हैं। उन्होंने मांग की कि कानून व्यवस्था सुधारी जाए। गर्मी के मौसम में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन समस्याओं का जल्दी निदान न हुआ तो पार्टी जल्दी ही बड़ा आंदोलन करेगी।
प्रदर्शन में उमेश मिश्र, अनूप शुक्ला, जगदीश शाक्य, सुरजन लाल वर्मा, लाल बहादुर भार्गव, नरेंद्र सिंह, सुशील गुप्ता, सुनील बाथम, संतोष अवस्थी, सुधा शर्मा, विजय माहेश्वरी, अरविंद गुप्ता, संदीप कन्हैया वाजपेयी, अनुपम अवस्थी, सुनीता शुक्ला, बबिता घोष, प्रशांत राजवंश, विश्वनाथ सिंह, अनिल गुप्ता, सुमंत गुप्ता, अशाक ढल, ठाकुर प्रसाद गंगवार, महेंद्र भार्गव, अजय सिंह आदि सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल रहे।