पलियाकलां। दीपावली की छुट्टियों का समापन दुधवा घूमकर करने के इरादे से यहां आए दर्जनों पर्यटकों ने जंगल घूमकर यहां के दुर्लभ वन्यजीव एवं रंग-बिरंगे पक्षी देखे।
इससे पूर्व दुधवा नेशनल पार्क के नए सत्र के शुभारंभ के प्रथम दिन पं. उत्कर्ष द्विवेदी ने वैदिक मंत्र बोलकर पर्यटन अधिकारी ओंकार बंशीधर शुक्ला से हवन करवाया। इसके बाद पार्क के उपनिदेशक गणेश भट्ट ने लखनऊ से दुधवा आए एक पर्यटक की बच्ची रोली से पार्क के मुख्य द्वार का फीता कटवाकर पर्यटकों को जंगल घुमाने वाले हाथियों के रोचना तिलक किया और उन्हें प्रिय फल केले खिलाए। इस अवसर पर रेंज आफीसर सोनारीपुर सीकेपी चौधरी, वन दरोगा वीपी सिंह, वनरक्षक अनिल श्रीवास्तव सहित अनेक वन कर्मियों के अलावा दुधवा फाउंडेशन के सचिव सुनील जायसवाल एवं लखनऊ, लखीमपुर, शाहजहांपुर आदि शहरों से आए पर्यटक अनिल गुर्रानी, उदित गुर्रानी, अभिनव, निष्ठा, अपूर्वा, तान्या, आकृति, संजय आदि मौजूद रहे।
यहां बता दें कि देश-विदेश से बड़ी संख्या में आने वाले पर्यटक यहां स्वच्छंद घूम रहे बाघ, तेंदुआ, गैंडा, चीतल, पाढ़ा, मगरमच्छ आदि अनेक वन्य जन्तु एवं सैकड़ों पक्षियों को देखकर गदगद होते हैं।
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दुधवा पहुंचने के रास्ते
-दिल्ली से शाहजहांपुर पलिया होते हुए दुधवा नेशनल पार्क।
-लखनऊ से बाया लखीमपुर-पलिया होते हुए दुधवा पार्क।
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पार्क का प्रवेश शुल्क
भारतीय के लिए प्रति व्यक्ति तीन दिन 100 रुपये, बच्चों के लिए प्रति तीन दिन 60 रुपये, विदेशियों के लिए प्रति व्यक्ति तीन दिन 800 रुपये, विदेशी बच्चों के लिए प्रति तीन दिन 700 रुपये।
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ठहरने के स्थान
दुधवा वन विश्राम भवन, थारू हट, डारमेट्री, सोनारीपुर, सोठियाना, किशनपुर और बनकटी वन विश्राम भवन।