लखीमपुर खीरी। श्रीमद्भागवत कथा वह सागर है जिसमें डुबकी लगाने से मनुष्य को भौतिक व अध्यात्मिक सुखों की प्राप्ति होती है। यह बात नगर के श्री श्याम मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में व्यास शिवानंद जी महाराज ने कही।
व्यास शिवानंद ने कहा कि बालक ध्रुव ने अपनी सच्ची लगन और निष्ठा से प्रभु की कृपा को प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि प्रभु की तरफ एक कदम सच्ची निष्ठा से बढ़ाया जाए तो प्रभु भक्त की तरफ चार कदम बढ़ाते हैं। उन्हाेंने कहा कि पुरुषोत्तम मास में कथा श्रवण का फल कई गुना ज्यादा मिलता है।