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बढ़ेंगे फलों और सब्जियों के भाव

Sun, 16 Sep 2012 12:00 PM IST
Lakhimpur
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डीजल के दाम बढ़ने का असर
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लखीमपुर खीरी। सरकार ने डीजल के दाम बढ़ाकर आम जनता के सिर पर महंगाई का एक और बोझ डाल दिया है। डीजल के दाम बढ़ने से जहां किसानों की सब्जी उत्पादन लागत में वृद्धि होगी वहीं भाड़ा बढ़ने से फलों और सब्जियों केभाव में उछाल आएगा।
आम जनता महंगाई की मार से पहले से ही त्राहि-त्राहि कर रही है दालों के भाव आसमान छू रहे हैं। अरहर की दाल के फुटकर भाव 80 रुपये प्रति किग्रा तक पहुंच गए हैं। ऐसी स्थिति में आम आदमी की निर्भरता तेजी से सब्जियों पर बढ़ी है, लेकिन डीजल के भाव बढ़ने से अब महंगाई का असर फलों और सब्जियों पर भी देखने को मिलेगा। इससे गरीब लोगों को सब्जी के भी लाले पड़ जाएंगे। जिले में सब्जी की खेती कम होती है, इसलिए सब्जियों का आयात बाहरी जिलों से ही ज्यादा होता है। सब्जी विक्रेता राजकुमार ने बताया कि इस समय तो सब्जियों केभाव उतरे हैं, लेकिन डीजल के दाम बढ़ने से हम लोगों को बढ़े हुए भाव पर थोक में सब्जियां खरीदनी पड़ेंगी। जब हमें महंगे दामों पर सब्जियां मिलेंगी तो हम लोग भी बढ़े हुए भाव पर बेचेंगे और इसका असर ग्राहक पर ही पड़ेगा। इसके अलावा सब्जी मंडी के ही मुनीर खां ने बताया वे लोग थोक भाव से सब्जी मंगाते हैं डीजल केभाव बढ़ने से भाड़ा बढ़ेगा और इसका सीधा असर फलों और सब्जियों की बिक्री पर पड़ेगा। इसी तरह अन्य सब्जी विक्रेताओं ने भी सब्जियों के भाव बढ़ने की आशंका जताई है।
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सीमित सब्सिडी बिगाड़ेगी रसोई का बजट
लखीमपुर खीरी। केंद्र सरकार ने रसोई गैस से सब्सिडी हटाने का जो फैसला किया है वह रसोई का बजट बिगाड़ने वाला है। इससे आम आदमी का बजट प्रभावित होगा।
केंद्र सरकार ने रसोई गैस के सिलेंडर पर दी जाने वाली सब्सिडी हटाने का फैसला किया है। सरकार के नए फैसले के अनुसार अब एक परिवार को वर्ष भर में केवल छह सिलेंडर पर सब्सिडी मिलेगी, इससे अधिक सिलेंडर खरीदने पर पूरी कीमत देनी पड़ेगी। यह कीमत लगभग 775 रुपये होगी।
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एक छोटे परिवार में भी वर्ष में दस से बारह तक गैस सिलेंडर लगते हैं। बड़े परिवारों में गैस की खपत और भी ज्यादा हो जाती है। इस हिसाब से जिन घरों में वर्ष में 12 सिलेंडर लगते हैं उन छोटे परिवारों में भी गैस का खर्चा बढ़कर डेढ़ गुना हो जाएगा। इससे मध्यमवर्गीय परिवारों को तो दिक्कत होगी लेकिन गरीब तबके के लोग सिलेंडर खरीद ही नहीं पाएंगे। गृहणी नीलम नागर बताती हैं कि उनके दो बच्चे हैं। उनके यहां वर्ष भर में लगभग 12 सिलेंडर की खपत होती है। अब सब्सिडी पर केवल छह सिलेंडर मिलेंगे, इससे दिक्कत होगी। उन्होंने कहा कि सरकार का यह फैसला भारी पड़ेगा। उन्होंने बताया कि इससे गैस की ब्लैक भी बढ़ेगी।
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