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मैनेंजाइटिस और इंसेफ्लाइटिस ने पसारे पांव

Sun, 26 Aug 2012 12:00 PM IST
Lakhimpur
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- कई पीड़ित जिला अस्पताल में भर्ती, एहतियातन चिल्ड्रन वार्ड को मैनेंजाइटिस पीड़ित वार्ड में बदला
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- इंसेफ्लाइटिस से पीड़ित बालिका भी अस्पताल में भर्ती
- अस्पताल में बेड कम पड़े, फर्श पर किया जा रहा इलाज
लखीमपुर खीरी। डायरिया के बाद जिले में मैनेंजाइटिस और इंसेफ्लाइटिस ने भी पांव पसारना शुरू कर दिए हैं। इनसे पीड़ित कई मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पसगवां विकास खंड के ग्राम महमदपुर ताजपुर की एक बालिका को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, चिकित्सकों को पीड़ित में इंसेफ्लाइटिस के लक्षण मिले हैं। इसके अलावा अस्पताल में भर्ती करीब दर्जन भर रोगियों को मैनेंजाइटिस होने की आशंका है।
जिले में डायरिया फैलने पर सेहत महकमा उसे नियंत्रित करने में जुटा ही था कि मैनेंजाइटिस और इंसेफ्लाइटिस के रोगी भी अस्पताल आने लगे। इससे निपटने के लिए सीएमएस डॉ. एनके शर्मा ने चिल्ड्रन वार्ड को मैनेंजाइटिस पीड़ित वार्ड में तब्दील कर दिया। रोगियों की दिन प्रतिदिन बढ़ती संख्या को देखते हुए इसमें दस बेडों के वार्ड में छह अतिरिक्त बिस्तर लगवा दिए गए हैं। इसके बाद कई और रोगियों के आने पर वार्ड के फर्श पर गद्दा डाल कर मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
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इनमें मैनेंजाइटिस होने की आशंका
निघासन ब्लॉक के ग्राम बनगांव के रहने वाले कमलेश की सात माह की पुत्री काजल को एक दिन पहले तेज बुखार के साथ झटके आने लगे तो वह पास में ही एक चिकित्सक के यहां ले गए। चिकित्सक की सलाह पर उसे यहां जिला अस्पताल लाया गया। इसके अलावा पलिया निवासी सत्तार की पांच वर्षीय पुत्री मैविस, सदर ब्लॉक के ग्राम सैधरी निवासी दयाराम के नौ वर्षीय पुत्र बृज किशोर, खीरी थाना क्षेत्र के ग्राम अटकोहना निवासी पुरुषोत्तम की 25 दिन की पुत्री पुष्पा देवी, ग्राम झलरिया निवासी मलय कुमार की पुत्री गरिमा (12), फूलबेहड़ थाना क्षेत्र के ग्राम कुसमौरी निवासी रामसेवक के चार वर्षीय पुत्र शिवजनक, कोतवाली सदर क्षेत्र के शारदानगर निवासी वीरेंद्र की चार साल की बच्ची काजल, खीरी थाना क्षेत्र के ग्राम गौरिया निवासी परसुराम के पांच वर्षीय पुत्र खुशबू सहित करीब दर्जन भर बच्चों में इसके लक्षण मिले हैं।
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बालिका में इंसेफ्लाइटिस की आशंका
लखीमपुर। पसगवां विकास खंड के ग्राम महमदपुर ताजपुर निवासी फहमूद खां की दस वर्षीय पुत्री सदा खान चार दिनों से तेज बुखार से पीड़ित थी। शुक्रवार को तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। सदा को तेज बुखार के साथ झटके आ रहे थे, बेहोशी के साथ उसका शरीर में अकड़न भी थी। परिजन उसे शाहजहांपुर के क्लीनिक पर ले गए। उसने बालिका को भर्ती करने से इंकार कर दिया। इसके बाद फहमूद उसे शुक्रवार रात जिला चिकित्सालय ले आए। उपचार कर रहे वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. बद्रीश ने लक्षण के अनुसार इंसेफ्लाटिस का संभावित रोगी बताया है। उन्होंने बताया कि ब्लड की जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
संक्रामक रोग अधिकारी डॉ. हर्ष शर्मा ने कहा कि शनिवार दोपहर बालिका के उपचार व्यवस्था का जायजा लिया था। बालिका की हालत सुधरी है। अगर आवश्यकता पड़ी तो उसकी रीढ़ की हड्डी का पानी निकाल कर परीक्षण कराया जाएगा।
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यह है इंसेफ्लाइटिस के लक्षण
लखीमपुर खीरी। इंसेफ्लाइटिस से पीड़ितों को तेज बुखार के साथ सिर में दर्द रहता है। कई बार मरीज अचैतन्य हो जाता है। शरीर में अकड़न के साथ प्राय: उसे झटके आते हैं। झटके सभी कुछ साथ-साथ हो तो मरीज को इंसेफ्लाइटिस का संभावित रोगी माना जाता है।
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यह है मैनेंजाइटिस के लक्षण
इस बीमारी में भी मरीजों को तेज बुखार के साथ सिर दर्द होता है। इसमें कभी-कभी रोगियों को हल्के झटके लगते हैं। तीव्रता और अन्य लक्षणों के आधार पर चिकित्सक दोनों बीमारियों में अंतर करते हैं।
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क्या करें
रोगी के सिर पर पानी की पट्टी रखें, दवा के नाम पर सिर्फ पैरासिटामाल दें। खुले, हवादार और साफ सुथरे कमरे में ही रोगी को रखें। ढीले कपड़े पहनाएं। आसपास गंदगी न फैलने दें, गंदा पानी पीने से बचें। लक्षण दिखने पर प्रशिक्षित चिकित्सक से परामर्श लें।
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इंसेफ्लाइटिस और मैनेंजाइटिस के लक्षण वाले रोगियों का तत्काल इलाज करने का निर्देश दिया गया है। ऐसे में संबंधित वार्ड में बेड खाली न होने पर कुछ देर के लिए गद्दा बिछा कर उसी पर उपचार शुरू करा दिया जाता है। बाद में उन्हें शिफ्ट कर दिया जाता है। जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों, नर्सों की कमी है फिर भी कोशिश की जाती है कि इलाज में कमी न आए।
-डॉ. एनपी शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक
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