अब तक 53 घर लील चुकी घाघरा, मकान तोड़ भाग रहे लोग
शेष बची आबादी को गांव खाली करने के प्रशासन ने दिए निर्देश
एडीएम ने गांव पहुंच लिया जायजा, एसडीएम ने किया कैंप
पलिया में खतरा निशान से 38 सेमी ऊपर पहुंची शारदा, सतर्क
तिकुनियां क्षेत्र में उफनाई मोहाना, एसएसबी चौकी जलमग्न
लखीमपुर खीरी। शारदा, घाघरा व मोहाना के उफान पर होने से जहां जिले के दर्जनों गांव बाढ़ के पानी से बुरी तरह घिर गए हैं वहीं तिकुनियां क्षेत्र में स्थिति एसएसबी पुलिस चौकी में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। उफनाई शारदा पलिया में जहां खतरे के निशान से आज 38 सेमी ऊपर पहुंच गई वहीं धौरहरा तहसील के ग्राम भदईपुरवा में घाघरा ने शनिवार को भीषण कटान करते हुए 30 और घरों को अपने आगोश में ले लिया। गांव की शेष आबादी पर मंडरा रहे खतरे को देखते हुए तहसील प्रशासन ने उन्हें गांव खाली करने के आदेश दिए हैं। एडीएम वियोधन ने भी आज गांव पहुंच हालात का जायजा लिया। एसडीएम व तहसीलदार गांव में ही कैंप किए हुए हैं।
भदईपुरवा में 30 और घर नदी में समाए
धौरहरा तहसील क्षेत्र में घाघरा के कहर से आज तीसरे दिन भी भदइपुरवा के लोग कराहते रहे। बीते 24 घंटे में नदी ने यहां 30 और घरों को लील लिया। इसी के साथ इस गांव के करीब 53 लोगों के घर नदी में समा चुके हैं। गांव में अब मात्र 10-12 परिवारों के घर ही बचे हैं। नदी को अपने मकान की ओर बढ़ता देख ग्राम निवासी लल्लन व केशवराम सहित शेष सभी परिवारों ने भी घरों को तोड़ उसका मलवा सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। पूरा गांव किसी भी समय नदी में समा सकता है, लिहाजा खतरे की आशंका को देखते हुए एसडीएम विनोद गुप्ता ने आज गांव पहुंच शेष बचे परिवारों को घर छोड़ सुरक्षित स्थान पर पहुंचने को कहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम स्वयं तहसीलदार, नायब तहसीलदार व कानूनगो सहित वहां कैंप किए हुए हैं। आसपास के भी लेखपालों को सुरक्षित निकालने में लगा दिया है। नदी के बढ़ते जल स्तर को देख नाव की भी व्यवस्था कर ली गई है। एसडीएम श्री गुप्ता ने बताया कि कटान पीड़ितों के भोजन की व्यवस्था पड़ोस के गांव मिर्जापुर में प्रधान झाले पर तथा पीड़ितों के रहने की व्यवस्था गांव स्थित स्कूल पर की गई है। पीड़ितों के लिए 200 तिरपाल भी भिजवाए गए हैं। उन्होंने बताया कि बाढ़ चौकियां भी आज से एलर्ट कर दी गई हैं।
पलियाकलां। बनबसा बैराज से रिलीज किए गए अतिरिक्तपानी की वजह से शुक्रवार को खतरे के निशान से करीब 12 सेंटीमीटर ऊपर बह रही शारदा नदी का जलस्तर और उछाल लेते हुए 38 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। शनिवार अपराहन तीन बजे नदी 154.000 पर बह रही थी। जब कि खतरे का निशान 153.620 है। नदी के और उछाल मारने से क्षेत्र में बाढ़ का खतरा गहराता जा रहा है। फिलहाल राहत की बात यह है कि अभी नदी के समीपवर्ती भगार आदि में ही पानी भरा है, लेकिन पानी कुछ और बढ़ा तो तय है कि कई गांव बाढ़ से जूझने को मजबूर हो जाएंगे। बाढ़ के खतरे को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है और एसडीएम विजय बहादुर, तहसीलदार दशरथ कुमार, नायब तहसीलदार राकेश कुमार ने बाढ़ से प्रभावित होने वाले कई संभावित गांवों का दौरा किया। तहसीलदार ने बताया कि चौकियों पर कर्मियों की तैनाती कर दी गई है, ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके।
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तिकुनियां। यहां मोहाना का जलस्तर बढ़ने से आधा दर्जन गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। एसएसबी चौकी भी बाढ़ के पानी से घिर गई है। इसके चलते लोग अब सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं।
एसएसबी चौकी रननगर के मेजर हीरालाल ने बताया कि चौकी परिसर में शनिवार की सुबह चार बजे से बाढ़ का पानी बढ़ना शुरू हुआ है। चौकी में तीन फीट पानी बह रहा है। इसके लिए जवानों को एलर्ट कर दिया गया है। समाजवादी युवजन सभा के विधानसभा अध्यक्ष ओंकार सिंह ने बताया कि ग्राम खैरेटिया, सूरतनगर, रननगर, इंदिरानगर, गंगानगर के गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इसकी सूचना डीएम को दे दी गई है। उधर बाढ़ की आशंका को देखते हुए तहसीलदार ओप्रकाश त्रिपाठी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र कोड़ियाला, खैरेटिया, मंझरापूरब का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। यदि रात में पानी ज्यादा बढ़ा तो लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को एलर्ट कर दिया गया है।
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बाढ़ से निपटने को तैयार प्रशासन
तिकुनियां। तहसील निघासन में बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। इसके लिए 12 बाढ़ चौकियां, 100 नावोें व 13 गोताखोरों की तैनाती कर दी गई है। बनबसा बैराज से दो चरणों में छोड़े गये पानी को लेकर सभी कर्मचारियों को एलर्ट कर दिया गया है। गांव के कोटेदारों को तत्काल ग्रामीणों को मिट्टी तेल वितरण का आदेश दिया गया है।
रक्षपाल सिंह, एसडीएम निघासन
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नदी के करीबी गांवों में लोगों में फैली दहशत
पलियाकलां। नदी के करीबी गांव श्रीनगर, दौलतापुर, आजादनगर, बर्बादनगर, मेलाघाट, मरौचा, पकरिया, मझगईं परिक्षेत्र के नया गांव, चौरी, खालेपुरवा आदि में बाढ़ के संभावित खतरे से ग्रामीणों में दहशत फैली हुई है और गांव वालों ने अभी से ही बाढ़ से बचने की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
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परकोपाइन स्पर डूबे
दौलतापुर गांव को कटान से बचान के लिए सिंचाई महकमें द्वारा बनाए गए स्पर भी शारदा के बढ़े जलस्तर में डूब गए हैं।