लखीमपुर खीरी। शासन के निर्देश पर गर्मी में पेयजल समस्या समाधान के लिए जल निगम जिले के प्रत्येक विकास खंड क्षेत्र में 50-50 हैंडपंप लगाने के साथ जिले भर में खराब पड़े करीब 3000 हैंडपंपों को रिबोर कराने की तैयारी कर चुका है। इस कार्य पर विभाग को करीब 8.82 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे, लेकिन इसके लिए विभाग को अभी तक फूटी कौड़ी भी नसीब नहीं हुई है। नतीजतन हैंडपंप लगाने के स्थानों का चयन करने के बाद अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
गर्मी का मौसम आने के साथ ही पानी की डिमांड भी बढ़ जाती है। शहर, कसबे से लेकर गांव तक के लोग पेयजल समस्या से जूझते हैं। लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार ने कुछ दिन पहले ही जिले के सभी विकास खंडों में 50-50 इंडिया मार्का हैंडपंप लगाने के निर्देश जारी किए हैं। बताया जाता है कि यह कार्य गर्मी को देखते हुए जल्द से जल्द कराने के लिए भी कहा गया है। इसके अलावा खराब हैंडपंपों को रिबोर कराने तथा उनकी मरम्मत कराने के भी निर्देश दिए गए हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक एक नया इंडिया मार्का हैंड पंप लगवाने में 29,700 रुपये की लागत आती है। जिले में कुल 15 विकास खंड हैं। प्रत्येक में 50 के मुताबिक 750 नए हैंडपंप लगने हैं। जिन्हें लगवाने के लिए विभाग के पास 2 करोड़ 22 लाख 75 हजार रुपये का खर्च आएगा। इसके अलावा पूरे जिले में लगे लगे 52,000 इंडिया मार्का हैंडपंप में से करीब 3,000 हैंडपंप ऐसे हैं जो रिबोर होने के बाद ही काम कर सकेंगे। एक हैंडपंप के रिबोर कराने में 22 हजार रुपये की लागत आती है। इस प्रकार तीन हजार हैंडपंपों के रिबोर कराने में करीब 6.60 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस प्रकार पूरे जिले में पेय जल व्यवस्था सुधार के लिए विभाग को फौरी तौर पर करीब 8,82,75000 रुपये की आवश्यकता है, लेकिन इस बावत विभाग को अभी तक फूटी कौड़ी भी नसीब नहीं हुई है। जिसके चलते विभागीय अधिकारी सर्वे आदि का कार्य करा हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
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यह बात सही है कि नये हैंडपंप लगवाने तथा खराब हैंडपंप रिबोर कराने के निर्देश मिले हैं। जिसके बाद स्थान आदि का चिन्हीकरण कर लिया गया है। अभी बजट एलाट नहीं हुआ है। मिलते ही कार्य युद्ध स्तर पर शुरू हो जाएगा।
सूर्य बली आनंद, अधिशाषी अभियंता जल निगल
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फैक्ट फाइल
पूरे जिले में कुल इंडिया मार्का हैंडपंप 52,000
सामान्य मरम्मत वाले हैंडपंपों की संख्या 2,000
रिबोर होने योग्य चिन्हित हैंडपंपों की संख्या 3,000