पूर्व मंत्री कौशल व पूर्व सांसद इलियास आजमी की प्रेस वार्ता
लखीमपुर खीरी। पारख महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री कौशल किशोर ने कहा कि सत्ता में आने के बाद से ही सपा सरकार ने दलित जातियाें को कमजोर करने के लिए मोर्चा खोल दिया है। ठेकेदारी में 21 प्रतिशत आरक्षण खत्म करने व दलिताें के प्रमोशन आरक्षण पर रोक लगाने से दलिताें का हक मारा जाएगा।
पारख महासंघ के जिला प्रभारी मोहम्मद आरिफ के कार्यालय पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि दलित जातियाें के प्रमोशन में आरक्षण केंद्र सरकार सहित देश के कई प्रदेशों में लागू है, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की आड़ में पूरे देश में दलित जातियों को पीछे ढकेल का काम किया जा रहा है, पूरी तरह से अन्यायपूर्ण और असंवैधानिक भी है।
उन्होंने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि अखिलेश यादव ने सरकार की कमान संभालते ही दलिताें को 21 प्रतिशत आरक्षण ठेकेदारी में खत्म किया। दलित जातियाें को वरिष्ठता के आधार पर सरकारी सेवा के प्रमोशन में आरक्षण देने पर भी रोक लगा दी। यही नहीं सपा सरकार में दलित जातियाें के 56 विधायक होने के बावजूद भी एक भी दलित जाति का व्यक्ति राज्य सभा सदस्य व विधान परिषद का सदस्य नहीं बनाया गया।
इस मौके पर पूर्व संासद इलियास आजमी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिया गया यह निर्णय भारतीय संविधान के 77वें व 85वें संशोधन के खिलाफ है। इस संशोधन में दलित जातियों को पदोन्नति में आरक्षण तथा दलितों को वरिष्ठता के आधार पर प्रमोशन देने का अधिकार दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय पर पुनर्विचार याचिका आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने दाखिल की है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय के बाद दलित जाति का कोई व्यक्ति सन 2026 तक किसी उच्च पद पर प्रमोशन के आधार पर नहीं पहुंच पाएगा।
दलित जातियाें को प्रमोशन में रिजर्वेशन का लाभ उत्तर प्रदेश में 1994 से मिल रहा था। सर्वोच्च न्यायालय ने जो निर्णय किया है उस निर्णय के बाद अब दलित जातियाें को यह लाभ नहीं मिलेगा।
पारख महासंघ के जिला प्रभारी मो. आरिफ ने बताया कि पारख महासंघ 19 मई को लखनऊ के गांधी भवन सभागार में आरक्षण बचाओ सम्मेलन करने जा रहा है। जिससे दलित जातियाें के सामाजिक संगठनाें व दलित जातियाें के विधायकाें व सांसदाें को भी आमंत्रित किया जाएगा। इस मौके पर मौलाना सईद सहित कई अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
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...तो दलित सपा विधायकों का होगा बहिष्कार
पारख महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री कौशल किशोर ने कहा कि प्रदेश सरकार चाहे तो आरक्षण का लाभ दलिताें को अपनी तरफ से दे सकती है, लेकिन सत्ता में बैठे 56 दलित जाति के विधायक पूरी तरह गूंगे हो गए हैं और विधायक बने रहने के लिए सरकार की गुलामी कर रहे हैं। उन्होंने ऐलान किया कि यदि सपा के दलित विधायक आरक्षण के सवाल पर मुख्यमंत्री से आरक्षण बहाल नहीं कराएंगे तो उनका सामाजिक वहिष्कार किया जाएगा। इसके लिए वह पूरे प्रदेश में जन संपर्क कर दलितों को जाग्रत करने का भी काम करेंगे।