बनकटी प्रकरण में मुकदमा दर्ज होने के बाद कार्रवाई न होने से उबाल
पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)। बनकटी रेंज प्रकरण में मुकदमा दर्ज होने के बाद भी अधिकारियों पर कार्रवाई न होने से थारूओं में उबाल आ गया है। तमाम थारू महिलाओं ने तहसील पहुंचकर प्रदर्शन किया और कार्रवाई की मांग की।
गौरतलब है कि 20 जनवरी को आदिवासी जनजाति क्षेत्र के कई गांवों के थारू महिला और पुरुष दुधवा नेशनल पार्क की बनकटी रेंज के जंगल से जलौनी लकड़ी लेने गए थे। वह लकड़ी लेकर आ रहे थे तभी गौरीफंटा कोतवाली का पुलिस फोर्स और कई रेंज कर्मी वहा आ पहुंचे। आरोप था कि कोतवाल के निर्देश पर पुलिस कर्मियाें और रेंज कर्मियाें ने उन पर जमकर लाठियां बरसाईं। इसमें एक थारू महिला नेवादा गंभीर रूप से तो महिला करुआ समेत छह लोग चोटिल हो गए थे। इसके अगले दिन क्षेत्र के दर्जनों गांवों के थारूओं ने प्रदर्शन किया था और इस दौरान बनकटी रेंज कार्यालय पर तोड़फोड़ भी हुई थी। वन कर्मियों की तहरीर पर सैकड़ों अज्ञात थारूओं के खिलाफ गौरीफंटा कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। थारूओं ने भी तत्कालीन कोतवाल और वार्डेन के खिलाफ तहरीर दी थी, लेकिन उस पर कार्रवाई न हुई तो उन्होंने फिर से मोर्चा खोला। इसके बाद प्रशासन ने कोतवाल और वार्डेन के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करवा दिया। थारूओं का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी किसी आरोपी अधिकारी की गिरफ्तारी नहीं की गई। उनका मानना है कि अधिकारियों को बचाने की कोशिश की जा रही है और उन पर कार्रवाई में कोई चूक नहीं की जा रही है। इसी के खिलाफ तमाम थारू महिलाएं तहसील पहुंची और वहां प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की। महिलाओं ने अधिकारियों को पत्र देकर कहा है कि थारूओं पर कार्रवाई और अधिकारियों को बचाने का काम सौतेलापन है। इसे बंद कर आरोपी अधिकारियों के खिलाफ भी सामान कार्रवाई की जाए वर्ना वे जनांदोलन को विवश होंगी।
इस मौके पर नेवादा देवी, सरबती, सदई, बैजंती, शिवकली, बदाना देवी, लीलादेवी, बदला आदि तमाम महिलाएं शामिल रहीं।
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जंगल से जलौनी लेने जाएंगे थारू, एसडीएम को सूचना दी
पिछली घटना को देख और प्रशासन द्वारा दिए निर्देश के तहत ग्राम वनाधिकार समितियों की ओर एसडीएम को जंगल से लकड़ी लाने के लिए सूचना दी गई है। वनाधिकार समितियां दस मई से लगातार ग्रामवार जलौनी लकड़ी लेने जंगल जाएंगी।