फरधान। हाईवे पर बना नहर पुल अब खतरनाक हो चला है। पुल में आईं दरारें काफी गहरी हो गईं हैं। प्रतिदिन इस जर्जर पुल से हजारों लोग जान जोखिम में डालकर गुजरते हैं, लेकिन विभाग को इससे फर्क नही पड़ता। हां! फर्क के नाम पर विभाग ने पुल के दोनों ओर पुल क्षतिग्रस्त है, कृपया वाहन धीरे चलाएं का बोर्ड लगाने का काम जरूर किया है।
पीलीभीत-बस्ती राजमार्ग पर फरधान कस्बे के पास शारदा नहर ब्रांच पर बना पुल काफी समय से खराब है। पुल पर पड़ी स्लैब के दो भागों के बीच डाले गए लोहे के एंगिल जंग लगने से गल गए हैं, जिससे स्लैब में आयी दरारें काफी गहरी हो गईं हैं। पुल के जर्जर होने का आलम यह है जब कोई वाहन गुजरता है तो पुल तेजी से हिलने लगता है। इससे लोगोें के दिल दहल जाते हैं। पुल की ऐसी हालत काफी समय से है अब स्थिति और भी नाजुक हो गई है। चौड़ी दरारें आए दिन दुर्घटनाओं का सबब बन रहीं हैं। दरारों की वजह से अबतक कई लोग चोटिल हो चुके हैं।
इस पुल से गुजरने वाले फरधान थाने के दीवान सुंदर वर्मा, मुंशी शंभूनाथ उपाध्याय, शिक्षक संजय कुमार बताते हैं कि जब कोई भारी वाहन आ जाता है तो पुल के हिलने से कलेजा मुंह तक आ जाता है। ऐसा नहीं पुल की हालत से विभाग वाकिफ नही है। 16 मार्च 2013 के अंक में ‘अमर उजाला’ ने ‘इस पुल से गुजरते हुए दहल जाता है दिल’ नामक शीर्षक से खबर छापी तो विभाग ने सुधार के नाम पर पुल की दरारों पर तारकोल आदि का लेप लगवा दिया, जो कुछ ही दिनों में उधड़ गया। पुल के पहले दोनों तरफ ब्रेकर बनवाने के अलावा रोड के किनारे बोर्ड लगवा दिया कि पुल क्षतिग्रस्त है कृपया वाहन धीरे चलाएं और फिर जैसा चल रहा था वैसा चलने लगा। जिले के आला अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधि आए दिन इस पुल से गुजरते हैं, लेकिन उनका भी पुल की हालत पर ध्यान नही जाता।
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पुल ने ली थी राजू की जान
पिछले वर्ष पुल से गुजरते वक्त राजू को लखीमपुर की ओर से आ रहे एक बाइक सवार ने चपेट में ले लिया था। हादसे में राजू की मौत हो गई थी। मन्योरा निवासी बलवंत भी दरारों की वजह से टकराए थे, इससे उनके सिर में गंभीर चोट आईं थीं।