पुलिस ने रखा था पांच हजार का इनाम
10 दिसंबर तक अंतरिम जमानत मिली
लखीमपुर खीरी। हाईकोर्ट के वकील पर जानलेवा हमले के जिस आरोपी को पुलिस ने फरार बताकर इनामी भगोड़ा घोषित किया था वह कुछ दिन बाद ही कोर्ट में हाजिर हो गया। इतना ही नहीं आरोपी ने 10 दिसंबर तक की अंतरिम जमानत भी हासिल कर ली।
मोहम्मदी में पुरानी रंजिश के चलते 26 अगस्त 2013 को हाईकोर्ट के वकील अजीज मंसूरी को गोली मारकर जख्मी कर दिया गया था। मेडिकल कॉलेज में कई महीने तक मौत से जूझने के बाद चोटिल वकील ठीक हुए। इस मामले में तीन आरोपियों को तो पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन नामजद मुख्य आरोपी रूपेंद्र पाल सिंह रूबी पुलिस के हत्थे नहीं लगा। उसके खिलाफ कुर्की और एनबीडब्ल्यू के बावजूद स्थानीय पुलिस उसे नहीं पकड़ सकी। डीजीपी के आदेश पर पुलिस ने रूपेंद्र पाल सिंह रूबी को इनामी भगोड़ा घोषित कर उस पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इनाम घोषित होने के बावजूद स्थानीय पुलिस उसको खोज नहीं सकी। आरोपी एसीजेएम की कोर्ट में हाजिर हो गया और वहां हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए जमानत अर्जी दी जिस पर जिला जज छोटेलाल ने 10 दिसंबर तक अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।