मल्हार उत्सव के दूसरे दिन हुई विचार गोष्ठी
लखीमपुर खीरी। भगवानदीन आर्य कन्या डिग्री कॉलेज में मल्हार उत्सव के दूसरे दिन ‘समाज में बढ़ता बाल दुर्व्यवहार कानून और हमारा दायित्व’ विषय पर विचार गोष्ठी हुई।
मल्हार उत्सव के दूसरे दिन विधि दिवस का आयोजन किया गया। यहां विचार गोष्ठी का आयोजन प्राचार्य डॉ.निरूपमा अशोक ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इस मौके उन्होंने कहा कि जिन बच्चों का बचपन समृद्ध होता है संस्कारों, शिक्षा और सामाजिक अपनेपन से उनका भविष्य समाज का कल्याण कर सकता है।
विचार गोष्ठी में वाईडी डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ.एससी मिश्रा ने कहा कि बाल दुर्व्यवहार रोकने के लिए लालन-पालन स्तर पर भेदभाव रोकना आवश्यक है। बीएसए डॉ. ओपी राय ने कहा कि बाल दुर्व्यवहार की घटनाएं केवल सड़क चलते ही नहीं होतीं परिवार में भी ऐसी दुर्घटनाएं होती हैं। सरकारी योजनाएं जब तक सामजिक धरातल पर क्रियांवित नहीं होंगी इस समस्या से निजात पाना कठिन है। डॉ.उमा कटियार ने कहा कि बालश्रम ही बाल दुर्व्यवहार के मूल में है। इसलिए बालश्रम पर रोक लगाना आवश्यक है। यहां डॉ.पूनम आगा ने बाल समस्याओं को रोकने के लिए जागरूकता की आवश्यकता पर दिया। यहां प्रबंध समिति के सचिव शिवचंद्र सिंह ने कहा कि छोटे-छोटे प्रयासों का आंकलन समाज से होता है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्तर पर बुराई दूर करनी होगी। इसके अलावा यहां छात्राओं की भाषण प्रतियोगिता भी कराई गई। इसमें बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा निवेदिता देवी ने प्रथम और आकांक्षा श्रीवास्तव ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।