लखीमपुर खीरी । नेपाल से भारत में चरस की तस्करी करने के जुर्म में एडीजे एके पांडेय ने दो आरोपियों को 15-15 साल की कैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोनो आरोपियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना डाला है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी योगेश पांडिया ने अदालत में बताया कि गौरीफंटा थाना क्षेत्र में स्थित भारत-नेपाल सीमा पर 13 अक्तूबर 2009 में नेपाल के अर्जुन नागर और अनिल नागर को एसएसबी तथा गौरीफंटा पुलिस ने 10-10 किलो चरस बरामद हुई थी। अभियोजन पक्ष की ओर से बरामद चरस के नमूने की जांच फारेंसिक लैब से कराई गई तो उसकी गुणवत्ता भी शत-प्रतिशत पाई गई। शासकीय अधिवक्ता योगेश पंाडिया ने बचाव पक्ष की ओर से पेश की जा रही झूठे फंसाए जाने की दलील का विरोध करते हुए बताया कि नेपाल में रहने वाले आरोपियों से भारतीय पुलिस और एसएसबी के जवानों की क्या दुश्मनी हो सकती है। अदालत ने लंबी सुनवाई के बाद दोनों को दोषी पाते हुए 15-15 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है साथ ही दोनो पर एक एक लाख रुपये का जुर्माना डाला है।