लखीमपुर खीरी। अमूमन परिवार की गाड़ी खींचने वाले पुरुष ही होते हैं, लेकिन अब महिलाएं भी इसमें पीछे नहीं है। घर का चूल्हा-चौका करने के बाद मनरेगा में जनपद की 97313 महिलाएं सक्रिय रूप से काम रही हैं।
विभागीय आंकड़ों पर नजर डालें तो जनपद में 3,13,303 मनरेगा मजदूर हैं, जिसमें 215991 पुरुष हैं। उपायुक्त मनरेगा अमित सिंह परिहार ने बताया कि महिलाएं जो भी काम मांगती हैं, उनको दिया जाता है।
मनरेगा में महिलाओं को काम देने में मितौली ब्लाॅक आगे है, जबकि बांकेगंज फिसड्डी है। मितौली में 10 से अधिक महिलाएं सक्रिय हैं, जबकि बांकेगंज में सिर्फ 4670 ही महिलाएं काम कर रही हैं।
अन्य ब्लाॅकों के आंकड़ों पर नजर डालें तो पलिया में 7532, निघासन में 8258, रमियाबेहड़ में 6532, गोला में 5613, मोहम्मदी में 6195, पसगवां में 5994, बेहजम में 4817, सदर में 6075, फूलबेहड़ में 7265, नकहा में 7859, धौरहरा में 4721 और ईसानगर में 5354 महिलाएं सक्रिय हैं। इनको काम भी मिल रहा है।