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चार निजी चीनी मिलों पर फंसे गन्ना किसानों के 966 करोड़

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बजाज हिंदुस्तान ग्रुप के बैंक खाते हुए एनपीए
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किसानों को कैसे मिलेगा गन्ना मूल्य का भुगतान
लखीमपुर खीरी। जनपद के लाखों किसानों का चार निजी चीनी मिलों पर 966.37 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया है। इसमें बजाज हिंदुस्थान ग्रुप की तीन चीनी मिलों गोला, पलिया और खंभारखेड़ा पर 803.66 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया है। इस बीच बजाज ग्रुप के खाते एनपीए हो गए हैं, क्योंकि कंपनी बैंकों का कर्ज नहीं चुका पाई है। ऐसे हालात में किसानों को भुगतान कैसे होगा? यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। यहां बता दें कि जिले की नौ चीनी मिलों में पेराई सत्र खत्म हुए दो माह से अधिक समय हो चुका है।
गन्ना एक्ट के मुताबिक, चीनी मिलों को गन्ना खरीदने की तिथि से 14 दिनों के अंदर किसानों को भुगतान करना आवश्यक है। इसके बाद किसानों को बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज सहित भुगतान करने का नियम है। पेराई सत्र 2021-22 में सभी नौ चीनी मिलों द्वारा 1032.11 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा गया, जिसके एवज में चीनी मिलों को 35 अरब 76 करोड़ 62 लाख 55 हजार रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान 14 दिनों में करना था। कुल देय भुगतान के सापेक्ष अब तक (सात जुलाई 2022 तक) 25 अरब 17 करोड़ 49 लाख आठ हजार रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान किया गया है, जबकि छह मिलों गोला, पलिया, खंभारखेड़ा, ऐरा, बेलरायां और संपूर्णानगर पर 10 अरब 59 करोड़ 13 लाख 47 हजार रुपये गन्ना मूल्य बकाया है। इसमें सहकारी क्षेत्र की बेलरायां मिल पर 46.85 करोड़ और संपूर्णानगर मिल पर 45.90 करोड़ रुपये बकाया है। वहीं डीएससीएल ग्रुप की अजबापुर, बलरामपुर ग्रुप की कुंभी और गुलरिया मिल संपूर्ण भुगतान कर दिया है, लेकिन ब्याज का भुगतान नहीं किया है।
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जिला गन्ना अधिकारी वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि बजाज ग्रुप की गोला मिल ने 23 दिसंबर 2021 तक, पलिया ने 11 जनवरी 2022 तक, खंभारखेड़ा ने 20 दिसंबर 2021 तक खरीदे गन्ना मूल्य का भुगतान किया है। ऐरा मिल ने आठ फरवरी 2022 तक खरीदे गन्ना मूल्य का भुगतान किया है। बेलरायां ने तीन अप्रैल 2022 तक और संपूर्णानगर ने 30 मार्च 2022 तक भुगतान किया है।
ऐरा मिल को 15 सितंबर तक करना होगा संपूर्ण भुगतान
ऐरा मिल को पहले 30 सितंबर 2022 तक भुगतान करने की समय सीमा गन्ना विभाग द्वारा तय की गई थी, जिसमें संशोधन करते हुए अब 15 सितंबर 2022 तक भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं बजाज ग्रुप की तीनों मिलों के लिए भुगतान करने की अवधि निश्चित नहीं की गई है।
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बजाज ग्रुप की तीन और ऐरा मिल के अध्यासियों के साथ बृहस्पतिवार को बैठक करके गन्ना मूल्य भुगतान की समीक्षा की गई है। बजाज ग्रुप के खाते एनपीए होने से भुगतान पर विपरीत असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि तीनों मिलों के चीनी स्टॉक को प्रशासन द्वारा अभिरक्षा में लिया गया है। चीनी बिक्री से प्राप्त होने वाली धनराशि को एस्क्रो एकाउंट में जमा कराने के बाद किसानों के खातों में भुगतान भेजा जा रहा है। बजाज ग्रुप को शीघ्र भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं।
- वेदप्रकाश सिंह, जिला गन्ना अधिकारी
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