धौरहरा। रामनगर बगहा गांव की खतौनी फसली संख्या 1388 से 1393 की बंदोबस्त में हेराफेरी कर भू माफिया 15 सौ एकड़ भूमि अपने नाम दर्ज करा कर मालिक बन बैठे। इसकी जांच एसडीएम ने शुरू कराई। अब तक 13 मामले सामने आए हैं। जिसमें एक लेखपाल ने भी अपनी पत्नी के नाम फर्जी रूप से जमीन दर्ज करा ली। मामले में एसडीएम ने सभी खातेदारों को धारा 33/39 के तहत कोर्ट से नोटिस जारी की है। नोटिस जारी होने से भूमाफिया में हड़कंप मच गया है।
रमियाबेहड ब्लॉक के गांव रामनगर बगहा की गाटा संख्या 1792, 1719, 1913, 1804, 1926 1225, 702 और 1583 जो पुरानी खतौनी सन फसली 1388 से 1393 में सीलिंग भूमि, बंजर, नवीन परती, चक मार्ग, मरघट, पुनर्वास और तालाब में अंकित है। जिसमें तत्कालीन लेखपाल से मिलकर माफिया ने सरकारी भूमि को अभिलेखों में हेराफेरी कर माफिया के नाम दर्ज कर दी। इस तरह माफिया खुद मालिक बन बैठा है। गांव के एक जागरूक किसान छंगा ने मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर 18 सितंबर को एक शिकायत दर्ज कराने के साथ ही डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह और एसडीएम आशीष कुमार मिश्रा को भी शिकायती प्रार्थनापत्र देकर सरकारी दस्तावेजों में हेरा फेरी करने वाले के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम के आदेश पर एसडीएम आशीष कुमार मिश्रा ने हल्का लेखपाल राम किशोर श्रीवास्तव को मामले की जांच सौंपी थी। हल्का लेखपाल ने अपनी जांच रिपोर्ट एसडीएम को सौंपते हुए 13 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। इस पर एसडीएम आशीष कुमार मिश्रा ने कोर्ट से कार्रवाई करते हुए फर्जी खातेदार मोहिनी शंकर, सुरेंद्र, राजकुमार, पीर गुलाम, रसूल अहमद, जुबेर, मिथिलेश कुमारी पुत्री श्रीकृष्ण चौधरी, राम नारायण शोले, तारा देवी, अकबाल सहित 13 लोगों पर नोटिस जारी करते हुए न्यायालय में वाद दर्ज किया है।
मालूम हो गाटा संख्या 702 और रकबा 2.023 हेक्टेयर जो पुनर्वास की भूमि है जिस पर पूर्व लेखपाल रामगोपाल ने अपनी पत्नी मिथिलेश कुमारी पुत्री श्रीकृष्ण के नाम खतौनी में फर्जी अंकित करा दिया। यही नहीं जब नोटिस जारी हुई तो लेखपाल ने अपनी गर्दन फंसते देख एसडीएम को शपथपत्र देकर खातेदार को पत्नी बताने से इनकार कर दिया।
मुख्यमंत्री से एक जन शिकायत पर रामनगर बगहा की पूर्व खतौनी की जांच कराई गई जिसमें अब तक 13 नाम उजागर हुए हैं। मैंने फर्जी खातेदारों को नोटिस जारी कर उनसे साक्ष्य तलब किए हैं। पूर्व लेखपाल रामगोपाल ने अपनी पत्नी के नाम दस्तावेजों में हेराफेरी कर भूमि दर्ज कराई है खुद को फंसता देख उसने शपथपत्र भी दिया है कि खातेदार उसकी पत्नी नहीं है। मामले की जांच चल रही है दोषियों के विरुद्ध भू माफिया का केस दर्ज किया जाएगा।
- आशीष कुमार मिश्रा एसडीएम धौरहरा
खातेदार मिथलेश कुमारी पुत्री श्रीकृष्ण मेरी पत्नी नहीं
हां मेरी पत्नी का नाम भी मिथलेश कुमारी पुत्री श्रीकृष्ण है मेरी ससुराल झंडी गांव में है जबकि खाते में सिंगाही दर्ज है जो मेरा नहीं है जिसके मैं प्रमाण भी दूंगा यदि खाता गलत इंद्राज है तो उस पर कार्रवाई करें मुझे कोई आपत्ति नहीं है। मुझ पर जो आरोप लगे हैं वह निराधार हैं।
- रामगोपाल पूर्व लेखपाल