बरखेरवा गांव में लापता पूर्व होमगार्ड का शव चौथे दिन सोमवार को गांव के बाहर तालाब में मिला। इसी तालाब पर शुक्रवार को उनकी छड़ी, गमछा और चप्पलें मिलीं थीं। पुलिस ने शव तालाब से निकलवा कर पोस्टमार्टम को भेजा है।
बरखेरवा निवासी 70 वर्षीय मृतक जगदीश मिश्रा अर्से से बीमार थे। वह काफी कमजोर थे, जिससे बिना सहारे के उनका चलना-फिरना दूभर था। जब शुक्रवार को उनका लड़का सरोज फरधान बाजार गया था। उसी वक्त वह घर से लापता हो गए। जब वह बाजार से लौटा तो जगदीश को घर पर न देख पड़ोसियों से मालूम किया, कोई उनके बारे में बता नहीं पाया। खोजबीन के दौरान उसी दिन उनका गमछा, चप्पल और डंडा गांव के बाहर एक तालाब पर पड़ा मिला। शक के आधार पर लोगों ने तालाब में घुसकर उनकी तलाश की, लेकिन उनका पता न चला। इसके बाद पुत्र सरोज ने उनकी गुमशुदगी थाने में दर्ज कराई। शनिवार और रविवार को भी तालाब में खोज की गई, लेकिन वह नहीं मिले। सोमवार सुबह फिर परिजनों ने ग्रामीणों संग तालाब में फिर तलाशी शुरू की तो उनका शव मिल गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा।
पुराना है हादसों से नाता
मृतक जगदीश के परिवार में पहले भी कई अप्रत्याशित मौतें हो चुकी हैं। कुछ महीने पहले मृतक के बड़े पुत्र कपिल मिश्रा ने लखीमपुर में बने मकान में फांसी लगा ली थी। करीब 10 वर्ष पहले उनके मंझिले पुत्र सुनीत मिश्रा ने किन्हीं कारणों से फांसी लगाकर जान दे दी थी। सुनीत की मृत्यु के एक वर्ष के भीतर उनकी पत्नी की गांव में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अब तालाब में जगदीश का शव मिला है।
मामले में शुक्रवार को गुमशुदगी दर्ज की गई थी। तालाब के किनारे से लाठी, गमछा और चप्पल मिली थीं। सोमवार को शव बरामद हुआ है जो काफी गल गया है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। - एसएन सिंह, प्रभारी निरीक्षक थाना फरधान