बांकेगंज। करीब एक सप्ताह तक लापता रहने के बाद शुक्रवार शाम बड़ी नहर पटरी पर तेंदुआ फिर चहलकदमी करते देखा गया। इस बीच तेंदुए ने तीन कुत्तों को भी निवाला बना लिया। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि इसमें एक नहीं बल्कि दो तेंदुए इलाके में सक्रिय हैं।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के मैलानी रेंज की जटपुरा बीट से सटे चौधीपुर और पूरनपुर गांवों के पास पिछले पांच महीने से सक्रिय तेंदुआ पिछले एक सप्ताह से नहीं दिखाई पड़ रहा था। शुक्रवार शाम करीब छह बजे ग्रामीणों ने बड़ी नहर पटरी पर एक तेंदुए को चहलकदमी करते हुए देखा। उन्होंने इसकी सूचना गांव वालों के साथ ही वन कर्मियों को दी। मौके पर पहुंचे फॉरेस्टर मोहम्मद उमर,राजेंद्र वर्मा ने तेंदुए के पगचिह्न देखकर उसकी मौजूदगी की पुष्टि की। शुक्रवार की शाम ही इस तेंदुए ने विपिन शर्मा के फार्म हाउस पर पले तीन कुत्तों को निवाला बना लिया। जिससे ग्रामीणों का अनुमान है कि इलाके में एक नही दो तेंदुए सक्रिय हैं।
बड़ी नहर पटरी और फार्म हाउस पर पगचिह्न मिलने पर वन विभाग ने तेंदुए की निगरानी शुरू कर दी है। इससे पहले तेंदुए से बचाव के लिए वन विभाग ने चौधीपुर गांव के पास एक पिंजड़ा भी लगवाया था। पिंजड़े में भोजन के रूप में एक बकरा भी बांधा गया। तेंदुआ खतरा भांप कर वहां से हट गया। इधर निगरानी ढ़ीली पड़ने पर तेंदुआ फिर आबादी के निकट आ धमका है। हालांकि वन विभाग का कहना है कि जहां पर तेंदुआ दिखाई पड़ रहा है वह तेंदुआ का प्राकृतिक वास है। इसके बावजूद तेंदुआ आबादी में न घुस पाए इसके प्रयास वन विभाग कर रहा है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से दो पिंजड़े लगवाने की मांग की
बांकेगंज कस्बा से कुछ दूरी पर बसे चौधीपुर और पूरनपुर गांव के लोगों ओम प्रकाश,गुरप्रताप सिंह, राजाराम आदि ग्रामीणों ने वन विभाग से दो पिंजड़े लगवाने की मांग की है। इन ग्रामीणों का कहना है कि चौधीपुर गांव आबादी के निकट सक्रिय तेंदुआ बड़ी नहर पटरी से सटे गन्ने खेतों और खारजा नहर के पुराने भट्ठे पर खड़ी झाड़ीनुमा लंबी घास में अपना ठिकाना बनाए हुए है। चौधीपुर गांव के पास पिंजड़ा लगने के बाद तेंदुआ खतरा भांप कर बड़ी नहर पटरी किनारे गन्ने खेतों में चला गया। इन ग्रामीणों का कहना है कि एक किलोमीटर दायरे में सक्रिय तेंदुए के लिए एक पिंजड़ा बड़ी नहर पटरी से सटी बाग में भी लगाया जाए।
चौधीपुर गांव आबादी के पास बड़ी नहर पटरी पर तेंदुए की मौजूदगी की सूचना मिली है। तेंदुए की निगरानी के लिए वन कर्मियों की टीम को सक्रिय कर दिया गया है। पूरा प्रयास है कि इसे आबादी की ओर न बढ़ने दिया जाए। साथ ही ग्रामीणों को सतर्क रहने को कहा गया है।
-डॉ. अनिल कुमार पटेल, उप-निदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन।