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घर, फसल समेत खेत शारदा में समाया, सदमें में किसान की गई जान

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05 एलकेएच 651, 652
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नदी में घर, खेत कट जाने के सदमे में किसान की मौत
चार दिन पहले शारदा अपने साथ बहा ले गई थी गांव
किसान पर बैंक का लोन, तो चीनी मिल पर भी है गन्ने का बकाया
अमर उजाला ब्यूरो
बिजुआ (लखीमपुर खीरी)। शारदा नदी में अपना घर और खेत गंवाने के बाद एक किसान की बुधवार सुबह दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। मृतक के पुत्र ने बताया कि उनके पिता गांव से विस्थापित होकर आए थे, वह परेशान रहते थे। सोमवार को सीने में दर्द हुआ तो वह खुद ही बाइक से पलिया निजी चिकित्सक के पास इलाज के लिए गए थे, पलिया से उन्हें भोजीपुरा के अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई थी। वह लोग पैसों का इंतजाम कर रहे थे कि बुधवार सुबह करीब चार बजे उनकी मौत हो गई। शव का पोस्टमार्टम कराया, लेकिन मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी, बिसरा प्रिजर्व कर लिया गया है।
पलिया तहसील के जंगल नंबर सात गांव निवासी रविंद्र सिंह के घरवालों की मानें तो चार दिन पहले वह स्वस्थ थे, शारदा की तबाही में घर और पांच एकड़ गन्ने की फसल समेत जमीन नदी में समा गई। रविंद्र ने अपने तीन पुत्र-बहू, पत्नी एवं पोते-पोतियों समेत 18 लोगों के कुनबे के साथ जब घर छोड़ा तो वह दर्द सीने में बैठ गया। सोमवार को सीने में दर्द होने की शिकायत पर वह पलिया बाइक से दवा लेने गए। पुत्र जंगबहादुर के मुताबिक पलिया में डॉक्टर एके कपूर ने सलाह दी बरेली के भोजीपुरा अस्पताल ले जाओ। घर में इतना पैसा नहीं था, पड़ोसी बगिया खेड़ा के प्रधान दिलीप सिंह ने कहा कि इन्हें दवा दिला लाओ, मदद सब कर देंगे। बिखरे परिवार की हालत देखकर रविंद्र इलाज के लिए नहीं गए। तड़के करीब चार बाजे रविंद्र के सीने में दर्द हुआ, घर के लोग जब तक अस्पताल ले जाते कि उनकी मौत हो गई। पलिया के चिकित्सक डॉक्टर एके कपूर का कहना है कि रविंद्र का परीक्षण उन्होंने किया था। उन्हें हार्ट का दर्द महसूस हुआ था, जिस पर तत्काल भोजीपुरा के अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई थी।
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प्रशासन और परिवार के दावे अलग-अलग
बिजुआ। एसडीएम पलिया एस. सुधाकरन कहते हैं कि वह मृतक के परिवार वालों से मिले हैं, मृतक रविंद्र सिंह को पैरालाइसिस का अटैक पहले भी आ चुका था और उनका इलाज चल रहा था। हालांकि मृतक के पुत्र जंगबहादुर का दावा है कि पिता का इलाज नहीं चल रहा था, वह नदी में घर और जमीन चले जाने के सदमे को बर्दाश्त नहीं कर पाए। प्रधान बगियाखेडा समेत गांव के लोग इस बात से भौचक हैं कि सोशल मीडिया पर रविंद्र की मौत का कारण पैरालाइसिस अटैक बताया जा रहा है। ----------------
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जमीन पर लिया था तीन लाख का कर्ज
बिजुआ। मृतक के पुत्र जंगबहादुर के मुताबिक उसके पिता के नाम जमीन पर भीरा की स्टेट बैंक से तीन लाख के करीब लोन था, वहीं गन्ना का करीब सात पर्ची का भुगतान भी नहीं मिला है। ऐसे में एक-एक पैसे को तरस रहा परिवार इलाज कैसे कराते।
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