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समय पर न हुआ काम तो बिगड़ जाएंगे हालात
बाढ़ और कटान प्रभावित इलाके का हाल
लखीमपुर खीरी। अगले महीने बारिश शुरू हो जाएगी और हर बार की तरह बाढ़ और कटान के कारण तबाही न आए इसको लेकर डीएम शैलेन्द्र कुमार सिंह ने अभी से बचाव कार्यों को लेकर गंभीरता जतानी शुरू कर दी है। इसके बाद भी विभाग के इंजीनियर संजीदा नजर नहीं आ रहे हैं। बानगी के तौर पर फूलबेहड़ के पिपरा गूम में शारदा नदी पर बनाई जा रही ठोकरों के निर्माण और बिजुआ इलाके की परियोजना को देखा जा सकता है। यदि यही हाल रहा तो तबाही को नहीं रोका जा सकेगा। इस मुद्दे पर प्रस्तुत है लाइव रिपोर्ट।
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पिपरागूम में निर्माण कार्य में मानक की अनदेखी
महेवागंज। गांव पिपरागूम मेें शारदा नदी के किनारे कटान रोकने के लिए किए जा रहे निर्माण में मानकों की अनदेखी की जा रही है। हालांकि युद्घस्तर पर काम किया जा रहा है। विभाग का मानना है कि काफी हद तक इस बार कटान रोकने में प्रयास कारगर साबित होंगे। बाढ़-कटान की आशंका के चलते मानसून से पहले बनाई जा रही ठोकरों के निर्माण में करोड़ो रुपये खपाए जा रहे हैै। हालांकि जानकारों का कहना है कि सिंचाई विभाग जो ठोकर बनवा रहा है, उससे कटान नहीं रुक सकता। ग्रामीणों ने ठोकर निर्माण में जिओ बैग या स्थाई निदान की मांग की है। क्योंकि वर्षा के समय पानी बढ़ेगा तो यह निर्माण बह जाएगा और तबाही आएगी। लोगों का यह भी कहना है कि निर्माण कार्य मानक के अनुरूप नहीं हो रहा है।
सीन-2
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ऐसे ही हुआ काम तो पानी में बह जाएगी पूरी परियोजना
बिजुआ। गोला तहसील के रेवतीपुरवा से रैनागंज तक शारदा किनारे के गांव बचाने के लिए सरकार ने परियोजनाएं तो पास कर दी, लेकिन अब अफसरों पर जिम्मेदारी है कि तय वक्त में ठोकरें बनवा सकें, जिससे बारिश के सीजन आने से पहले ठोकरें काम कर सकें। पिछले 40 सालों से शारदा नदी के कटान का दंश झेल रहे लोगों को हर साल अपनी जमीन एवं घर गंवाने पड़ते हैं, फिर शुरू होता है प्रशासन का बचाव का अभियान। जानकारों का मानना है कि इस बार भी शुरू हुई यह परियोजना का कार्य यदि समय से पूर्ण न हुआ तो पूरी परियोजना ही डूब जाएगी।
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पिछले साल इन गांवों में मची थी तबाही
ब्लाक फूलबेहड़ के गांव बेड़हा सुतिया, करदिया मानपुर, ग्रंट न.11, पिपरा गूम, बेचन पुरवा, बाबापुरवा, मंझरी, रायनगर आदि दर्जनों गांव में पिछले साल जमकर तबाही मचाई थी।
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मानसून से पहले हो रहा होमवर्क
सिंचाई विभाग ने खतरे वाले स्थलों को चिह्नित कर वहां मड भरी बोरियों को डालना शुरू कर दिया है। वहीं करदिया मानपुर के बिकाऊ, बीरबल, पिपरा के शिवकांत, बेदु, शिवप्रकाश, गूम के अभय ने बताया कि नदी के व्यवहार का आंकलन कठिन है।
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अब रेवतीपुरवा की परियोजनाओं से जागी उम्मीद
बिजुआ। विधायक अरविंद गिरि के प्रयासों से गोला तहसील में करीब 25 करोड़ की दो परियोजनाएं शुरू हुई हैं, जिनमें नदी की धार को रोकने के लिए मौजूदा धार के किनारे चार किमी में पचास से अधिक ठोकरें बनना है। यहां काम तो चल रहा है लेकिन अगर वक्त पर सरकार ने पूरा पैसा नही रिलीज किया या फिर ठेकेदारों ने ढीलासाली की तो पूरी परियोजना व्यर्थ जाएगी।
वर्जन...........
गोला तहसील के रेवतीपुरवा से रैनागंज तक शारदा किनारे के गांव बचाने के लिए बोल्डर आदि बनाए जा रहे हैं। अबकी समय से कटान रोकने के कार्य शुरू हो गए हैं। कहीं कोई दिक्कत नहीं है और सभी कार्य मानक के अनुरूप हो रहे हैं। वर्षा से पहले काम पूरे कर लिए जाएंगे, जिस इस पर कटान की दिक्कत नहीं होगी।
- विनोद कुमार, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड