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सुंदरपुर में ट्रेस हुई बाढ़ की लोकेशन

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सुंदरपुर में मिली बाघ की लोकेशन, कैमरे में कैद हुई तस्वीर

ममरी। वन रेंज मोहम्मदी महेशपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत इब्राहिमपुर ग्रंट के मजरा सुंदरपुर गांव के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में सोमवार की रात बाघ की तस्वीर कैद होने और पगचिह्न मिलने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। कैमरे में तस्वीर कैद होने, पगचिह्न मिलने की पुष्टि ग्लोबल टाइगर फोरम और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ टीम के कर्मचारियों, वन कर्मियों ने भी की है।
फॉरेस्टर रामप्रसाद ने बाघ की चहल कदमी ट्रेस करने के लिए ग्लोबल टाइगर फोरम के सदस्य सचिव राजेश गोपाल के निर्देश पर डब्ल्यूडब्ल्यूएफ परियोजना द्वारा बाघ प्रभावित घमहाघाट, सुंदरपुर, पर्वस्तनगर गांव के आसपास पिछले महीने कई सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, जिसमें से सुंदरपुर गांव के पास कठिना नदी के किनारे लगे कैमरे में सोमवार की रात एक बाघ की तस्वीर फिर चहल कदमी करते हुए कैद हुई है, जिसके पगचिह्न भी खेत में बने मिले हैं। बताया कि यह वही स्थान है, जहां बाघ ने 18 जून को सुंदरपुर के किसान बालकराम को गन्ने की सिंचाई करते समय हमला कर मार डाला था। सुंदरपुर गांव के पास गन्ने के खेतों में बाघ की मौजूदगी होने से ग्रामीण खेतों की ओर जाने से घबरा रहे हैं। मजदूर गन्ने की छिलाई करने से कतरा रहे हैं। ग्लोबल टाइगर फोरम और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ टीम के कर्मचारियों ने भी बाघ की तस्वीर कैमरे में कैद होने की पुष्टि की है।
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रेजर बनारसीदास शाक्य का कहना है कि वन कर्मियों की टीम बाघ की निगरानी में लगी है जो गांव में जाकर लोगों को सुबह शाम खेतों में न जाने के लिए जागरूक कर रही है। साथ ही बाघ, तेंदुए से सावधान रहने के लिए पोस्टर लगा रही है। गांव में माइक से अलाउंस कराया जा रहा है। घमहाघाट के सरदार लालसिंह, मक्खन सिंह, जोगा सिंह, कश्मीर सिंह, बलिहार सिंह आदि का कहना है कि अब गन्ने का एरिया काफी कम हो चुका है फिर भी बाघ अपना डेरा कठिना नदी की झाड़ी में बनाए हुए है जो खतरे से खाली नहीं है। यद्यपि कैमरों और बाघ की निगरानी में लगी टीमें अपनी सर्च रिपोर्ट प्रतिदिन अधिकारियों को भेज रही हैं।
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