फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चावल की डिलीवरी धीमी हुई तो बढ़ी अफसरों की बेचैनी

विज्ञापन
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। सरकारी धान खरीद बंद हो चुकी है, लेकिन अभी तक खरीदे धान के सापेक्ष देय कस्टम चावल की डिलीवरी एफसीआई को नहीं की गई है, बल्कि राइस मिलों ने एफसीआई को चावल भेजने की गति धीमी कर दी है। पिछले वर्षों में कस्टम चावल को लेकर हुए घोटाले के मामले को देखते हुए अफसरों में बेचैनी बढ़ गई है, क्योंकि अभी राइस मिलें 38473 मीट्रिक टन कस्टम चावल दबाए हैं। डिप्टी आरएमओ लालमणि पांडेय सभी एजेंसियों के प्रबंधकों को नोटिस जारी कर शीघ्र चावल की डिलीवरी कराने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन

खरीफ क्रय वर्ष 2018-19 में लक्ष्य 1,93,200 मीट्रिक टन के सापेक्ष 1,65,658 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। क्रय केंद्रों से संपूर्ण धान की डिलीवरी संबंधित राइस मिलों को की जा चुकी है, जिसके सापेक्ष एफसीआई को 1,10,736 मीट्रिक टन कस्टम चावल की डिलीवरी की जानी है। अभी तक राइस मिलों ने 72263 मीट्रिक टन चावल की आपूर्ति एफसीआई के गोदामों में कर दी है, लेकिन 38473 मीट्रिक टन चावल की आपूर्ति किया जाना शेष है। खास बात यह है कि राइस मिलों ने चावल की डिलवरी धीमी कर दी है, जिसने अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। वजह है कि पिछले वर्ष 2017-18 धान खरीद के बाद कई क्रय केंद्रों के चावल की डिलीवरी तय समय पर नहीं हो पाई थी, जिसके चलते तत्कालीन एक एएमओ समेत तीन मार्केटिंग इंस्पेक्टरों को निलंबित किया गया था और डिप्टी आरएमओ का तबादला कर दिया गया था। फिर भी कस्टम चावल की आपूर्ति नहीं हो सकी, जिससे शहर की एक राइस मिल के संचालक पर 98 लाख की आरसी जारी की गई है। इसके अलावा पांच वर्ष पुराने मामले में भीरा स्थित एक राइस मिल की नीलामी के आदेश हो गए हैं, जिसने 1.32 करोड़ से अधिक कीमत के कस्टम चावल को हड़प लिया था। इस राइस मिल की नीलामी पलिया तहसील में 28 जनवरी 2019 को होगी।

एजेंसीवार बकाया कस्टम चावल (मीट्रिक टन में)
खाद्य विभाग 6126.766
पीसीएफ 14996.670
एग्रो 85.671
एसएफसी 837.526
कर्मचारी कल्याण निगम 355.330
एनसीसीएफ 4103.800
यूपी कोआपरेटिव 11931.074
एफसीआई 16.760

राइस मिलों की कस्टम चावल की डिलीवरी धीमी है, जिसमें खासकर पीसीएफ, कोआपरेटिव का सीएमआर ज्यादा बकाया है। संबंधित एजेंसियों के प्रबंधकों को नोटिस देकर शीघ्र चावल की डिलीवरी कराने के निर्देश दिए गए हैं। राइस मिलों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

- लालमणि पांडेय, डिप्टी आरएमओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें