पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)। दुधवा नेशनल पार्क का नया सत्र शुरू होने के बाद से ही सैलानी अच्छी संख्या में आने लगे हैं। दिसंबर में सैलानियों की संख्या और बढ़ गई है। आलम यह है कि नए साल के जश्न को देखते हुए यहां पर पांच जनवरी तक सभी हटों की एडवांस बुकिंग हो चुकी है। अब ऑनलाइन बुकिंग बंद कर दी गई है। डिप्टी डायरेक्टर, दुधवा नेशनल पार्क महावीर कौजलगि ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी दुधवा नेशनल पार्क में नया साल मनाने के लिए आने वाले सैलानियों की तादाद काफी ज्यादा है। नए साल के लिए दुधवा में बने 14 हटों की एडवांस बुकिंग हो चुकी है। जबकि डॉरमेट्री भी पूरी तरह से हाउसफुल है।
कई वीआईपी के भी नए साल में आने की संभावना
दुधवा नेशनल पार्क में नए साल की शुरुआत पर कई वीआईपी के भी आने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। पार्क प्रशासन इसको लेकर पूरी तरह तैयार है और बेहतर सुविधा देने के लिए गेस्ट हाउस और वीआईपी के रुकने के स्थान पर व्यवस्थाएं भी सुचारु की जा रही हैं।
ऐसे पहुंचे दुधवा नेशनल पार्क
दुधवा नेशनल पार्क पहुंचने के लिए लखनऊ से लखीमपुर होते हुए सीधे पलिया आया जा सकता है। इसके अलावा दूरदराज से आने वाले सैलानियों के लिए शाहजहांपुर से पलिया, लखीमपुर से पलिया, लखनऊ से पलिया के अलावा बसों की सुविधा ही यहां पर उपलब्ध है। पलिया पहुंचने के बाद आसानी से दुधवा पहुंचा जा सकता है।
शांत वातावरण करता है सैलानियों को आकर्षित
दुधवा नेशनल पार्क का अलौकिक और शांत वातावरण सैलानियों का आकर्षित करता है। वहीं जंगल में स्वच्छंद विचरण करते जीव जंतुओं को देखकर भी सैलानी काफी रोमांचित होते हैं। इसी के कारण नए साल पर हर वर्ष यहां पर सैलानियों की भारी भीड़ रहती है।
नए साल की आड़ में न हो शिकार, पार्क प्रशासन तैयार
नए साल की आड़ में नेपाली सीमा से शिकारी और घुसपैठिए जंगल में शिकार न कर सकें इसके लिए पार्क प्रशासन तैयार है। पेट्रोलिंग और गश्त के जरिए इन सीमाओं के साथ सीमावर्ती गांवों पर भी नजर रखी जा रही है। बताया जाता है कि नए साल की आड़ में शिकारियों के शिकार की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
नए साल को लेकर दुधवा नेशनल पार्क पांच जनवरी तक हाउसफुल है। किसी भी सैलानी को परेशानी न हो इसका पूरा प्रयास किया जाएगा। साथ ही जंगल में घुसपैठियों पर नजर रखने के लिए लगातार गश्त जारी है। नए साल की आड़ में शिकारी हावी न हो जाए इसके लिए पैट्रोलिंग टीमें लगातार नजर रखे हुए हैं।
महावीर कौजलगि, डिप्टी डायरेक्टर, दुधवा नेशनल पार्क