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घाघरा ने बड़कनपुरवा में निगले बीस घर

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13एलकेएच 351, 352
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घाघरा ने बड़कनपुरवा में निगले बीस घर
समदहा गांव में शारदा नदी ने तेज किया कटान
आधा शिव मंदिर और एक घर नदी में समाया
अमर उजाला ब्यूरो
धौरहरा। घाघरा और शारदा नदियों का जलस्तर घटने कटान तेज हो गया। घाघरा नदी ने बीते दस दिनों में बड़कनपुरवा गांव के बीस लोगों के घर अपने आगोश में समेट लिए हैं। वहीं रामनगर बगहा गांव के पश्चिम भू कटान करती नदी गांव के बीस मीटर दूरी पर पहुंच गई है। इसके अलावा साहबदीन पुरवा और कुंजापुरवा में कटान हो रहा है। शारदा नदी ने समदहा गांव के पुराने शिव मंदिर का आधा हिस्सा निगल कर गांव के एक मकान को भी उजाड़ दिया है। वहीं दर्जनों घर शारदा की जद में आ चुके हैं।
रामनगर बगहा में बचाव कार्य बंद हैं वहीं समदहा में कार्य तेजी से चल रहा है पर नदी की तेज धार के सामने सब बेअसर साबित हो रहा है। घाघरा और शारदा नदियां इलाके के लिए अभिशाप साबित हो रही हैं। यहां घाघरा और शारदा का जलस्तर कम होने के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों के दावों को धता बताती हुई नदियों का कटान अब भी जारी है। घाघरा नदी ने बीते दस दिनों में बड़कनपुरवा के नेकराम, सुरजाना, राजेश, माझिल, राज कुमार, भगौती प्रसाद, अमरिका, शुशीला देवी, राकेश कुमार, बृजमोहन, आशाराम, शंकरलाल, राजकिशोर सहित बीस घर नदी में समा गए हैं।
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ग्रामीणो का आरोप है कि इन्हें अबतक राहत सामग्री तक नहीं मिली है। इसके अलावा घाघरा नदी साहबदीनपुरवा और कुंजापुरवा, रामनगर बगहा, गोडिय़नपुरवा, जनकपुर, पोखरा आदि गांवों में भू-कटान करती चली आ रही है। यहां कटान रोकने का काम भी धीमा है जबकि रामनगर बगहा में तो बचाव कार्य ही बंद है। जबकि नदी बगहा गांव के पश्चिम बीस मीटर दूरी पर तेजी से कटान करती गांव की ओर बढ़ती आ रही है।
शारदानदी समदहा, रैनी, चिकनाजती गांव की कृषि भूमि को फसलों सहित निगलती आगे बढ़ती जा रही है। समदहा गांव में बना पुराना शिव मंदिर का आधा हिस्सा नदी में समा चुका है और इसी गांव के सुखराम वर्मा का पक्का मकान नदी में समा चुका है। इसके अलावा गांव के दर्जनों घर और पोस्ट आफिस, प्राथमिक स्कूल भी नदी के जद में आ चुका है। यहां बाढ़ खंड विभाग प्लास्टिक की बोरियों में ईंटों के रोड़े भर कर जाल बना बोरियां को समूह में डालकर कटान रोकने का प्रयास कर रहे हैं जो शारदा नदी के तेज वेग के आगे नाकाफी साबित हो रहा है। नदी का तेज कटान देख ग्रामीणों की आंखों से नींद गायब है। ग्रामीणों ने गांव से पलायन शुरू कर दिया है।
एसडीएम आशीश कुमार मिश्रा बताते हैं सभी बाढ़ कटान पीड़ितों को राहत दी जा रही है। जिनके घर नदी में कट चुके हैं कुछ के खातों में राहत धनराशि भेजी गई है जो छूट गए हैं उन्हें भी जल्दी ही राहत पहुंचाई जाएगी।


जंगल नं. 11 में नदी ने तेज किया कटान
पक्का घर अब नदी के निशाने पर
13एलकेएच 11
महेवागंज/सुंदरवल। शारदा नदी का उफान कम होते ही भूमि कटान में तेजी आ गई है। क्षेत्र के जंगल नंबर 11 में बीते चौबीस घंटे में नदी गन्ने की फसल समेत छह एकड़ भूमि को निगल चुकी है। गांव जंगल नं.11 के लक्ष्मी और नंदलाल ने बताया कि गन्ने की फसल समेत उनका दो एकड़ खेत कट गया। रमाकांत और विनोद का एक-एक एकड़ खेत नदी में समा गया। गांव के बाहर बना शशिकांत का घर भी अब नदी के निशाने पर है। इससे गांव के अन्य लोग चिंतित हैं।
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13एलकेएच 12
बाढ़ प्रभावित स्कूली बच्चों में चॉकलेट, बिस्कुट बांटा
सुंदरवल। बाढ़ प्रभावित गांव बेड़हा, बसहा, जंगल नंबर 11, गूम, करदहिया, मानपुर, जमुनिहा, अहिराना गांव में करीब 3500 बच्चों को स्कूल में राहत और खाद्य सामग्री बांटी गई। टॉफी और बिस्कुट पाकर बच्चे काफी खुश नजर आए। इस मौके पर राजस्व निरीक्षक अंकित अवस्थी, प्रधानाध्यापक बदरे आलम, लेखपाल लल्लूराम, कमलेश कुमार, संजय श्रीवास्तव, राहुल श्रीवास्तव आदि लोग मौजूद रहे।
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