शौचालय की धनराशि में लाखों का गबन
तीन वर्षों में 513 शौचालय बनाने के लिए 33.31 लाख मिले थे
लाभार्थियों के घरों में नहीं मिले शौचालय
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। पलिया ब्लॉक की ग्राम पंचायत मरूआ पश्चिम में शौचालय की धनराशि में गबन का मामला सामने आया है। तीन वित्तीय वर्षों में ग्राम पंचायत में 513 शौचालय बनवाने के लिए 33.31 लाख की धनराशि दी गई, लेकिन कई लाभार्थियों के शौचालय बने नहीं मिले हैं। जबकि उन लाभार्थियों की एमआईएस फीडिंग कराई जा चुकी थी। स्वच्छ भारत मिशन के जिला कंसल्टेंट कौशलेस चौरसिया और जिला स्वच्छ भारत प्रेरक सलमान रईस खान की संयुक्त जांच में इसका खुलासा हुआ है, जिन्होंने अग्रिम कार्रवाई के लिए डीपीआरओ को रिपोर्ट सौंपी है।
डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद के आदेश पर मरूआ पश्चिम में बनाए गए शौचालयों की जांच की गई, जिसमें पाया गया कि वर्ष 2012-13 में 355 शौचालय निर्माण के लिए 16.33 लाख रुपये, 2016-17 में 100 शौचालय बनाने के लिए 12 लाख और 2018-19 में 58 शौचालयों के निर्माण को अभी तक 4.98 लाख रुपये दिए जा चुके हैं। जांच टीम ने सचिव निर्भय कुमार झा से मजरेवार लाभार्थियों की सूची मांगी, लेकिन सचिव ने सूची नहीं उपलब्ध कराई। इसपर एडीओ पंचायत ने बेसलाइन सर्वे सूची और एमआईएस सूची उपलब्ध कराई, जिससे शौचालयों का सत्यापन हुआ। सत्यापन में पता चला कि बेसलाइन सर्वे 2012 में 905 परिवार हैं, जिसमें 270 शौचालय विहीन परिवार हैं। बेसलाइन सूची के मुताबिक 42 लाभार्थी ऐसे हैं, जिनकी एमआईएस पर फीडिंग कर रुपये निकाले गए लेकिन उनके घरों में शौचालय नहीं बने हैं। 30 लाभार्थी ऐसे मिले हैं, जिनकी एमआईएस की गई लेकिन वह गांव में नहीं रहते। जांच के दौरान ग्रामीणों ने टीम को बताया है कि कुछ लाभार्थी ऐसे हैं, जिनके पहले से शौचालय बने थे लेकिन उसकी मरम्मत/रंगाई पुताई कराकर नए दर्शाए गए हैं। जांच टीम की रिपोर्ट में कहा गया है कि निर्मित अधिकांश शौचालय मानक के अनुरूप नहीं बने हैं।
बाक्स=वर्जन
शिकायत के आधार पर मरूआ पश्चिम में बनाए गए शौचालयों की जांच कराई गई, जिसमें बड़े पैमाने पर अनियमितताएं मिली हैं। संबंधित सचिव को नोटिस देकर जवाब मांगा जाएगा, जिसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
चंद्रिका प्रसाद, डीपीआरओ