फोटो संख्या 13एलकेएच403, 404, 405, 406
शारदा में नाव पलटी, एक गायब, पांच बचे
पीएसी के जवान सहित ग्रामीण लगाकर रहे पता
चारा लेने एक ही नाव से जा रहे छह लोग
अमर उजाला ब्यूरो
पलियाकलां। क्षेत्र के श्रीनगर गांव निवासी छह ग्रामीण एक नाव पर सवार होकर नदी पार करके चारा लेने निकले। इस दौरान नदी की तेज धार में नाव फंस गई और देखते ही देखते पलट गई। इससे नाव सवार छह लोग डूबने लगे। तीन लोगों को दूसरे नाव वालों ने किसी तरह से बचाया, जबकि दो ग्रामीणों ने तैरकर अपनी जान बचाई, लेकिन श्रीनगर निवासी एक ग्रामीण बह गया, जिसका कोई सुराग नहीं लग सका है। सूचना पर इंस्पेक्टर के साथ ही पीएसी जवान भी पहुंच गए और काफी देर तक सर्च आपरेशन चलाया, देर शाम तक ग्रामीण का सुराग नहीं लग सका था।
श्रीनगर गांव निवासी रामअवध का 50 वर्षीय पुत्र जियालाल गांव के ही पप्पू, रिंकू, स्वामीदयाल, सुरेंद्र और डिप्टी के साथ सुबह नाव से चारा लेने खेत के लिए निकला था। सभी के खेत नदी के पार बरूआ कलां में पड़ते हैं। नाव से नदी पार कर रहे थे। इस दौरान भीरा की तरफ नाव नदी की तेज धार में फंस गई। काफी देर तक नाव हिचकोले खाती रही और बाद में पलट गई। जिससे सभी नाव सवार डूबने लगे। यह देखकर पास ही नाव चला रहे अन्य लोग भी पहुंच गए और कड़ी मशक्कत के बाद तीन ग्रामीणों को बचा लिया। वहीं दो लोग किसी तरह तैरकर बाहर निकले, लेकिन जियालाल नदी में गायब हो गया। काफी देर तक उसकी ग्रामीण तलाश करते वह नहीं मिल सका। सूचना पर इंस्पेक्टर दीपक शुक्ला दलबल के साथ पुल पर पहुंच गए। सूचना पीएसी बल को दी गई जिसके बाद पहुंचे जवानों ने भी नदी में काफी देर तक जियालाल की तलाश की लेकिन जियालाल का कोई सुराग नहीं लग सका। देर शाम तक सर्च आपरेशन जारी था और पुलिस के साथ ही पीएसी जवान शव की तलाश कर रहे थे।
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चार पुत्र व एक पुत्री के सिर से उठा पिता का साया
जियालाल की पत्नी लालती देवी घटना के बाद से गुमसुम है वहीं पुत्र कमलेश, मिथलेश, विजय व सतेंद्र के साथ ही पुत्री रेखा का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। वह श्रीनगर बांध के पास खड़े होकर सर्च आपरेशन कर रही टीम की तरफ आशा भरी नजरों से देख रहे थे। लेकिन देर शाम तक कोई पता नहीं चल सका है।
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तैराक होने के बाद भी नहीं झेल सका नदी की धार
शारदा नदी की विकरालता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जियालाल काफी अच्छा तैराक था, लेकिन नदी की धार में फंसने के बाद उसकी तैराकी भी काम नहीं आई और वह नदी की तेज धार में बह गया।