जिले में मछली पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मत्स्य विभाग ने वर्ष 2015-16 के लिए पूरी कार्ययोजना तैयार कर ली है। इसके मुताबिक जिले की सात तहसीलों में मछली पालन के लिए 750 हेक्टेयर जमीन पर तालाब चिंहिृत किए गए हैं। मत्स्य विभाग ने इन तालाबों की सूची राजस्व विभाग को भेज दी है, ताकि जल्द से जल्द इन तालाबों का आवंटन किया जा सके।
सहायक निदेशक मत्स्य अनिल कुमार गुप्ता के मुताबिक मछली पालन के लिए वित्तीय वर्ष 2014-15 में शासन से 120 हेक्टेयर जमीन पर तालाबों को चिंहिृत करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिसके सापेक्ष 150 हेक्टेयर जमीन पर तालाबों को चिंहिृत किया गया था। मछली पालन के लिए इन सभी तालाबों का आवंटन किया जा चुका है। इस वित्तीय वर्ष के शुरुआती दौर में मत्स्य विभाग ने जिले की सातों तहसीलों में 750 हेक्टेयर जमीन पर तालाबों को चिंहिृत किया है। सहायक निदेशक ने बताया कि तालाबों की सूची राजस्व विभाग को भेजी जा रही है। जिसके बाद मछली पालन के लिए तालाबों का आवंटन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि तालाबों के आवंटन में पहली प्राथमिकता मछुआ समुदाय को दी जाएगी। उसके बाद कटेगरी के हिसाब से अन्य लोगों को तालाबों के पट्टे आवंटित किए जाएंगे।