पंचायत चुनाव के चौथे और अंतिम चरण में मतदाताओं का जोश पिछले चरणों की अपेक्षा कम दिखा। छिटपुट झड़पों को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण रहा। अंतिम चरण में निघासन, पलिया, और रमियाबेहड़ में 75 फीसदी मतदान हुआ। साथ ही प्रधान पद की 190 सीटों के लिए 1455 उम्मीदवारों और पंचायत सदस्य पद की 2588 सीटों के लिए 3388 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला मतपेटियों में बंद हो गया। गुरुवार को सुबह से मौसम साफ रहा। कोहरा भी पिछले चरण की अपेक्षा कम था।
मतदान की रफ्तार धीमी होने के कारण सुबह नौ बजे तक सिर्फ 14.5 फीसदी मतदान हुआ। नौ बजे के बाद मतदान में कुछ तेजी आई। इसके चलते 11 बजे तक 35 और एक बजे तक 54 फीसदी मतदान हो चुका था। दोपहर एक बजे के बाद मतदान की रफ्तार कम हुई और तीन बजे तक मतदान बढ़कर 67.5 तक ही पहुंच पाया। मतदान समाप्ति के लिए तय समय 4.30 बजे के बाद भी कई मतदान केंद्रों पर मतदाता लाइन में लगे देखे गए। इसके चलते कई जगह देर शाम तक मतदान जारी रहा और यह मतदान बढ़कर 75.0 फीसदी तक पहुंच गया।
डीएम, एसपी और प्रेक्षक ने लिया जायजा
पंचायत चुनाव के चतुर्थ चरण के मतदान का जायजा लेने के लिए डीएम किंजल सिंह, एसपी अखिलेश चौरसिया और प्रेक्षक राम नरायन सिंह लगातार भ्रमण पर रहे। उन्होंने निघासन, पलिया और रमियाबेहड़ के कई मतदान केंदों का जायजा लिया।
निघासन अव्वल और पलिया फिसड्डी
अंतिम चरण के मतदान में निघासन ब्लाक सबसे अव्वल रहा। सुबह नौ बजे तक निघासन आगे रहने के बाद नौ बजे से 11 बजे के बीच पिछड़कर सबसे नीचे चला गया। इसके बाद मतदान ने रफ्तार पकड़ ली और तीन बजे तक एक बार फिर निघासन मतदान में सबसे आगे हो गया जबकि पलिया पिछड़ता चला गया। निघासन ब्लाक में सुबह नौ बजे तक 16 फीसदी, 11 बजे तक 34 फीसदी, एक बजे तक 53 फीसदी, तीन बजे तक 68.5 फीसदी मतदान हुआ था मतदान समाप्ति तक यह बढ़कर 77 फीसदी पर पहुंच गया। जो तीन ब्लाकों में सबसे ज्यादा है। पलिया मतदान में सुबह से ही पीछे चल रहा था और आखिरी तक पिछड़ता रहा। यहां सिर्फ 73 फीसदी मतदान हो पाया। रमियाबेहड़ ब्लाक 76 फीसदी मतदान के साथ दूसरे स्थान पर रहा।