मर्डर, लूट की घटनाओं का शीघ्र खुलासा करने के निर्देश
आईजी ने प्रत्येक पीड़ित की एफआईआर दर्ज करने पर दिया जोर
लखनऊ जोन के आईजी ए सतीश गणेश ने बृहस्पतिवार को अपराधों की समीक्षा के दौरान गंभीर अपराधों की विवेचना धीमी पाए जाने पर नाराजगी जताई हैै। विभिन्न थानों में लंबित चल रहे 72 एसआर केस के शीघ्र वर्कआउट करने और नामजद 100 अपराधियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं। आईजी ने थाने और कोतवाली में आने वाले प्रत्येक पीड़ित की एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए और हाईकोर्ट के आदेश की याद दिलाते हुए पालन करने की हिदायत दी। रेप और हत्या के केसों में संवेदनशीलता बढ़ाते हुए वैज्ञानिक साक्ष्यों के इस्तेमाल पर जोर दिया।
पुलिस लाइंस सभागार में आईजी ए सतीश गणेश ने अपराधों की समीक्षा की, जिसमें एसपी अखिलेश चौरसिया, एएसपी एपी सिंह समेत समस्त सीओ, प्रभारी इंस्पेक्टर और एसओ मौजूद रहे। करीब ढाई घंटे तक चली बैठक के दौरान आईजी ने थाना वार अपराधों की समीक्षा की। उन्होंने महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर नियंत्रण करने के लिए पुलिस कर्मियों को सोच में बदलाव लाने की नसीहत दी। मर्डर और लूट के लंबित मामलों के शीघ्र खुलासे के निर्देश दिए। सीओ स्तर पर लंबित चल रहे 60 मामलों पर चर्चा करते हुए निस्तारण कराने को कहा। जोन के सभी जिलों में चलाए जा रहे टारगेट ओरिएंटेड पुलिसिंग (टीओपी) अभियान को सफल बनाने के लिए अधिकारियों को टिप्स दिए गए। इस अभियान के तहत खीरी में 1400 अपराधी चिह्नित कर सूची बनाई गई है, जिसमें 550 वाहन चोर, 814 लुटेरे और 29 चेन स्नेचर हैं। यह सूचियां सभी एसओ और प्रभारी निरीक्षकों को उपलब्ध कराई गई है, जिसकी मानीटरिंग स्वयं एसपी करेंगे। बैठक के दौरान आईजी ने संभावित स्थानों पर फायर स्टेशन खोलने की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
ई-पेपर से मिल जाती हैं हर अपराध की खबर
लखीमपुर खीरी। आईजी ए सतीश गणेश ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि अपराधों को छ़ुपाया नहीं जा सकता है। जिले के अधिकारी भले ही हम तक सूचनाएं देर से पहुंचाए या छिपाएं, लेकिन ई-पेपर से जिले में होने वाली घटनाओं की खबर मिल जाती हैै।