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लाखों का बजट पास, नहीं मिला धेला

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लखीमपुर खीरी। जिले के विकास के लिए बनी जिला योजना में लाखों का बजट पास होने के नौ माह बीत गए, लेकिन विभागों को एक धेला भी नहीं मिला है। साल गुजरने को है कई विभाग ऐसे हैं जो बजट के लिए टकटकी लगाए बैठे हैं। वहीं जिन विभागों को पैसा मिल गया, उन्हें भी 50 फीसदी ही धनराशि मिली है। हालांकि अभी वित्तीय वर्ष पूरे होने को ढाई माह बाकी हैं। उधर, अगले वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना भी तैयार होने लगी है।
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जिले में निघासन विधानसभा उपचुनाव होना है, जिसकी आचार संहिता भी जल्द ही लगने वाली है। अधिकारी इस प्रयास में हैं कि आचार संहिता लगने से पहले जिला योजना का काम शुरू हो जाए। इसके बावजूद कई विभागों को बजट तक नहीं मिला है। आलम यह है कि जिला योजना में पॉलिटेक्निक का बजट आठ लाख रुपये, एलोपैथिक व परिवार कल्याण के लिए करीब एक करोड़, आयुर्वेदिक को 44.23 लाख, होम्योपैथिक का बजट 117 लाख, बेसिक शिक्षा विभाग का 122.93 लाख और पर्यटन को 75 लाख के प्रस्तावों को स्वीकृति मिली पर अब तक इन विभाग को अभी तक कोई भी धनराशि नहीं मिली है। इससे जहां इन विभागों के अफसर बजट मिलने की बाट जोह रहे हैं, वहीं कई विकास कार्य लंबित होने से दिक्कतें सामने आ रही हैं।

इन विभागों को मिली बजट की 50 फीसदी रकम
चालू जिला योजना में मिले बजट में पशुपालन विभाग को 308.77 लाख धनराशि मंजूर हुई थी, लेकिन इसमें से अब तक 52.69 लाख रुपया ही मिला है। वहीं नलकूप खंड को 97.19 लाख का बजट मिला था। इसमें से 34.85 लाख मिले हैं। एनआरएलएम में शत प्रतिशत बजट मिल गया है, जबकि खादी ग्रामोद्योग को छह लाख का बजट स्वीकृत हुआ था, जिसमें से 3.98 लाख ही मिले हैं।
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जिला योजना की समीक्षा बैठक में विभागों से कार्ययोजना मांगी गई थी। कुछ की कार्ययोजना मिल गई है। प्रयास किया जा रहा है कि सभी विभागों का स्वीकृत बजट जल्द से जल्द निर्गत कर दिया जाए ताकि विकास कार्य सुचारु रूप से हो सकें।
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- रवि रंजन, सीडीओ
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