बिना किताब के एबीसीडी सीख रहे बच्चे
बेसिक शिक्षा विभाग के अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों का हाल
अमर उजाला ब्यूरो
बांकेगंज। बेसिक शिक्षा विभाग के अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई के लिए चयनित प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को अभी किताबें नहीं मिल पाई हैं, जबकि शिक्षण सत्र शुरू हुए एक पखवाड़ा बीत चुका है। इन स्कूलों के संचालन में अभी तक खानापूर्ति ही की गई है, क्योंकि संसाधन बढ़ाने और शैक्षिक गुणवत्ता के लिए पर्याप्त शिक्षकों की तैनाती नहीं की गई है।
ब्लॉक के पांच प्राथमिक स्कूलों का चयन अंग्रेजी माध्यम शिक्षा के लिए किया गया है, जिसमें प्राथमिक स्कूल बांकेगंज द्वितीय, हरिहरपुर, मैलानी द्वितीय, पुनर्भू ग्रंट और पस्तौर शामिल हैं। इन पांचों स्कूलों में फर्नीचर न होने से बच्चों को टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। विभाग अभी तक पुस्तकें भी उपलब्ध कराना तो दूर, यह भी नहीं तय कर पाया है कि अंग्रेजी माध्यम के पाठ्यक्रम में कौन सी किताबें चलेंगी।
प्रत्येक अंग्रेजी माध्यम स्कूल में प्रधानाध्यापक समेत कम से कम पांच शिक्षक होने चाहिए, जबकि बांकेगंज क्षेत्र में अंग्रेजी माध्यम के लिए चयनित किसी भी स्कूल में तीन शिक्षकों से अधिक नहीं हैं। इससे अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा की सफलता को लेकर अभिभावक चिंतित हैं। यही कारण है कि अंग्रेजी माध्यम प्राथमिक स्कूल बांकेगंज और हरहिरपुर में 17 दिनों में क्रमश: 25 और 10 बच्चों के दाखिले हुए हैं। संसाधनों के अभाव में इन स्कूलों के बच्चे टाट-पट्टी पर बैठाया जा रहा हैं। कक्षाओं में बच्चों को अंग्रेजी भाषा का ज्ञान हासिल कराने के लिए अभी तक किताबें नहीं मिलीं हैं, जिससे इन कक्षाओं में तैनात शिक्षिकाएं बच्चों को कविता के जरिए अंग्रेजी भाषा का ज्ञान हासिल करा रहीं हैं। इसके अलावा नौनिहालों की कॉपी पर पेंसिंल से एबीसीडी लिखना बताया जा रहा है। शिक्षिका अभिषारिका वर्मा, कविता और प्रीती ने बताया कि इंग्लिश मीडियम कक्षाओं में बच्चों को अभी अंग्रेजी भाषा की प्रारंभिक पढ़ाई कराई जा रही है। किताबें मिलने पर सिलेबस के अनुसार पढ़ाई कराई जाएगी।