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शहर में न हो जाम, साहब.....कुछ तो करो इंतजाम

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11 एलकेएच

लाइव


साहब, कुछ तो
करो इंतजाम
मेन..
सड़क पर पार्किंग तो क्यों न लगे जाम
- अवैध पार्किंग के चलते सड़कें बन चुकी हैं संकरी गलियां
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी।
शहर की प्रमुख सड़कें हो या फिर गलियां, सभी अवैध पार्किंग की चपेट में हैं। शहर की मेन रोड, अस्पताल रोड, संकटा देवी रोड सहित कचहरी रोड के दुकानदार हो या प्रतिष्ठान या फिर बैंक एवं होटल सभी ने अपने आगे के फुटपाथ को ही पार्किंग बना दिया है। यहां पर वाहनों के बेतरतीब खड़े होने से सड़कों से लोगों को पैदल तक निकलना दुश्वार हो जाता है। वहीं वाहनों के निकलने के दौरान जाम की नौबत बन जाती है। ये मार्ग शहर के प्रमुख मार्ग हैं, जिन पर दिन में कई बार जाम लगता रहता है। जाम के झाम में फंसने वाले लोग जिला प्रशासन से सिर्फ एक ही मांग कर रहे हैं कि साहब, जाम की समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए कुछ तो इंतजाम करो।

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सीन- एक
अस्पताल रोड पर स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, एक्सिस बैंक सहित कई इलेक्ट्रानिक उपकरणों की दुकानें हैं। वहीं कई अन्य प्रतिष्ठान भी हैं, लेकिन किसी के पास वाहन खड़े होने की व्यवस्था नहीं। प्रतिष्ठान के मालिक हों या फिर उनके वहां आने वाले लोग, सभी फुटपाथ पर ही अपने वाहनों को खड़ा करते हैं, जो आए दिन जाम का कारण बनते हैं, जिसके कारण शहर के लोग या फिर दूरदराज से जिले में आने वाले लोग हों, सभी को जाम में परेशान होना पड़ जाता है।
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सीन- दो
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शहर का अस्पताल रोड सबसे व्यस्त मार्ग है। यहां जिला अस्पताल, जिला क्षय रोग अस्पताल, आईसीयू और महिला अस्पताल स्थित है। अस्पताल होने के कारण इस रोड पर मेडिकल स्टोर, पैथालॉजी एवं निजी अस्पताल भी हैं, लेकिन किसी के पास पार्किंग के इंतजाम नहीं है। सभी ने अपने प्रतिष्ठान के आगे के फुटपाथ को ही पार्किंग बना दिया है। फुटपाथ पर वाहनों के खड़े हो जाने के कारण यहां पर आए दिन जाम लगता है, इससे सबसे ज्यादा परेशानी जिला एवं महिला अस्पताल आने वाले मरीजों, खासकर उन गंभीर मरीजों को होती है जो एंबुलेंस से आते हैं।

सीन- तीन
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मोहल्ला थरवरनगंज की सड़कों का भी कुछ ऐसा ही हाल है। मोहल्ले में बैंक ऑफ बड़ौदा से लेकर दवाओं की दर्जनों थोक दुकानें भी है। बैंक कर्मचारियों, उनके ग्राहक सहित दवाओं की दुुकान के मालिक, उनके कर्मचारी और उनके वहां आने ग्राहक के दो पहिए से लेकर चार पहिया वाहन सभी रोड से लेकर गलियों में आड़े तिरछे खड़े रहते हैं। जिससे वहां पर आए दिन लगने वाली जाम से लोगों को जूझना पड़ता है।

सीन-चार
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हीरालाल धर्मशाला की भी कुछ ऐसी ही हालत है। वहां पर टैंपो से लेकर चार पहिया वाहनों सहित पटरी दुकानदारों के कारण जाम की नौबत बनती है। इसी मार्ग पर नगर पालिका, रोडवेज बस अड्डा सहित दो कॉलेज स्थित हैं। हीरालाल से लेकर गुरू गोविंद सिंह तिराहे तक कई होटल और प्रतिष्ठान हैं, लेकिन पार्किंग के लिए किसी के पास कोई व्यवस्था नहीं। वहीं रोडवेज बस अड्डे के सामने बसों के रोड पर खड़े कर देने से जाम की स्थिति बनती है, जो राहगीरों के लिए मुसीबत बन जाती है।

अतिक्रमण को लेकर
संजीदा नहीं अफसर
पूरा शहर अतिक्रमण की चपेट में है। अतिक्रमण को लेकर न तो पालिका प्रशासन ही संजीदा है और न ही तहसील प्रशासन। पालिका प्रशासन हो या फिर तहसील प्रशासन, अतिक्रमण हटाने को लेकर सभी की कार्रवाही सिर्फ रस्मअदायगी तक ही सीमित रहती है। हालांकि सदर एसडीएम नागेंद्र सिंह के नेतृत्व में पालिका प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ अभियान छेड़ा था, लेकिन अंजाम तक पहुंचने से पहले ही दम तोड़ गया।
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एसडीएम साहब के नेतृत्व में मंगलवार से दुकान, रेस्टोरेंट और होटलों के आगे लगी होर्डिंग्स को हटवाने की शुरूआत कर दी गई। जल्द ही स्थाई और अस्थाई अतिक्रमण के खिलाफ भी अभियान चलेगा, जिसकी तैयारी चल रही है।
- अखिलेश त्रिपाठी, ईओ
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