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बैंकों में जिम्मेदारी संभालने के लिए सखियां हो रहीं तैयार
प्रेरणा सभागार में दो दिवसीय कार्यशाला में सिखाए बैंक में कामकाज के तरीके
इसके बाद लखनऊ के बैंकर्स इंस्टीट्यूट में होगी ट्रेनिंग
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत गांवों में स्वावलंबन की अलख जगा रही एसएचजी समूहों की महिलाएं बैंक सखी बनकर कामयाबी का एक और पायदान चढ़ने जा रही हैं। बैंकों में स्टाफ की कमी दूर करने के लिए निघासन क्षेत्र की 11 महिलाओं और पलिया की तीन महिलाओं का बतौर बैंक सखी चयन किया गया है, जिन्हें सोमवार से दो दिवसीय प्रशिक्षण प्रारंभ कर दिया गया। एलडीएम जितेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि बैंकों में स्टाफ कम होने की वजह से कई तरह की दिक्कतों से उपभोक्ताओं को सामना करना पड़ता है। बैंक सखी के काम करने से समूहों को बैंक से लेनदेन करने में आसानी रहेगी। उन्होंने कहा कि बैंक में काम करने के दौरान संयम और समझदारी से काम करना आवश्यक है।
विकास भवन परिसर में स्थित प्रेरणा हाल में संकुल स्तरीय संघ (सीएलएफ) द्वारा चुनी गई 14 बैंक सखियों को कार्यशाला के जरिए प्रशिक्षण दिया गया। पहले दिन बैंक सखियों को समूहों और बैंकों के मध्य सेतु के रूप में कार्य करने के तरीके बताए गए। इस कार्य के लिए विभाग द्वारा मानदेय भी दिया जाएगा। बैंकों में सप्ताह के चार दिन कामकाज संभालना होगा। जिला प्रबंधक सुधीर कुमार सिंह ने कहा कि विभिन्न बैंकों की समस्याएं भी अलग-अलग हैं। इसलिए बहुत सावधानी से बैंक में कामकाज देखना होगा। उन्होंने कहा कि बैंकर्स इंस्टीट्यूट लखनऊ में बैंकिंग के संबंध में नियम-कानूनों से अवगत कराया जाएगा। कार्यशाला में ब्लाक एंकर पर्सन राजीव कुमार समेत एनआरओ (ग्रामीण जीविका मिशन) स्टाफ ने प्रशिक्षण दिया।