लखीमपुर खीरी/मैगलगंज। अब निजी बसों में सफर करना मौत को गले लगाने से कम नहीं है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि पश्चिम बंगाल से मथुरा के वृंदावन श्रद्धालुओं को लेकर जा रही एक स्लीपर बस की डिग्गी में चार बड़े एलपीजी घरेलू व कामर्शियल सिलिंडर रखे मिले हैं। यह बस नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए आग का गोला कही जा सकती है, क्योंकि अगर हादसा हुआ तो लोगों का पड़ा नुकसान हो सकता है। बावजूद इसके जिम्मेदार गंभीर नहीं।
वृंदावन के लिए 65 श्रद्धालुओं को लेकर एक निजी बस चार दिन पहले पश्चिम बंगाल से निकली थी। यह बस बृहस्पतिवार दोपहर मैगलगंज कस्बे के एक ढाबे पर भोजन के लिए रुकी। बस में क्षमता से अधिक सवारियां होने के साथ ही एक चौकाने वाला दृश्य देखने को मिला। बस की डिकी में एलपीजी के चार बड़े व कई छोटे सिलिंडर रखे मिले, जो पूरी तरह गैर कानूनी है। सभी सिलिंडर गैस से भरे हुए थे।
सिलिंडर के साथ ही डिकी में बर्नर व भोजन बनाने के लिए बर्तन भी रखे हुए थे। बताया जा रहा है यह बस जहां भी रुकती है, वहां श्रद्धालुओं के लिए भोजन तैयार किया जा जाता है। सिलिंडर भी इसी उद्देश्य से ले जाए जा रहे हैं।
कई प्रदेश व जिलों से होकर गुजरी बस
यह बस पश्चिम बंगाल से कई प्रदेशों को पार करते हुए 1329 किलोमीटर की दूरी तय करके मैगलगंज पहुंची थी। ताज्जुब यह है कि कहीं भी इस बस को चेकिंग के लिए रोका तक नहीं गया। अगर चेकिंग होती तो जरूर कार्रवाई होती, लेकिन कहीं कोई चेकिंग न होने से यह बस यहां तक पहुंच गई। खास बात यह है कि मैगलगंज में भी किसी अफसर ने नहीं पकड़ी। पड़ताल में यह बस सामने आई।
बस में नहीं मिला अग्निशमन यंत्र और फर्स्ड एड बॉक्स
पश्चिम बंगाल से मथुरा के वृंदावन जाने वाली बस में चार से पांच एलपीजी गैस सिलिंडर तो मिले, लेकिन सुरक्षा के लिए अग्निशमन यंत्र कहीं भी नजर नहीं आया। न ही फर्स्ड एड बॉक्स ही रखा हुआ था। यह अनदेखी एक बड़े हादसे का कारण बन सकता है। ऐसे में यात्रियों की जान से खुला खिलवाड़ होना साबित हो रहा।
क्षमता से अधिक मिलीं सवारियां
पश्चिम बंगाल की यह बस 57 सीटर थी, जबकि सवारियां 65 मिलीं। बस के अंदर जगह बहुत ही कम थी। ऊपर से लेकर नीचे तक सवारियों का सामान भी भरा हुआ था। अगर किसी प्रकार की कोई इमरजेंसी आती है तो बाहर निकल पाना आसान नहीं होगा। बस के अंदर न केवल सीटों के ऊपर बनीं अलमारियों और छत पर, साइड की डिक्कियों में यात्रियों का सामान ठूंसकर भरा हुआ था।
दस दिन पहले मैगलगंज में आग का गोला बन चुकी है निजी बस
करीब 10 दिन पहले मैगलगंज कस्बे में एक स्लीपर बस आग का गोला बन गई थी। वह बस कस्बे में एक ढाबे पर रुकी थी। लगभग सभी सवारियां नीचे थीं, तभी किसी कारणवश आग लग गई थी। उस बस में भी कई गैस सिलिंडर रखे होना बताया गया था, जिसकी वजह से विस्फोट भी हुआ था। जिले में इस तरह की एक घटना होने के बाद भी अफसर गंभीर नहीं है।
बस को पीछा कर पकड़ा, की गई सीज
बृहस्पतिवार को प्रवर्तन अधिकारी डॉ. कौशलेंद्र व लखीमपुर डिपो की एआरएम गीता सिंह ने संयुक्त रूप से चेकिंग की। खीरी से दिल्ली जा रही एक स्लीपर बस को सीज किया। अफसरों ने इस बस को पीछा कर पकड़ा है। इस बस में क्षमता से अधिक सवारियां होने के साथ ही परमिट उल्लंघन पाया गया है। प्रवर्तन अधिकारी ने बताया कि रामापुर चौकी के पास इस बस को सीज करते हुए पुलिस के हवाले कर दिया है।
पश्चिम बंगाल से मथुरा जाने वाली जिस बस में गैस सिलिंडर मिले हैं, उसको ट्रेस कराया जा रहा है। उस बस के संचालकों पर सख्त कार्रवाई कराई जाएगी। सफर में सिलिंडर लेकर चलना गैरकानूनी है। बसों को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। रोजाना कार्रवाई की जा रही है। -डॉ. कौशलेंद्र, प्रवर्तन अधिकारी
प्राइवेट बस की डिग्गी में रखे मिले तीन एलपीसी सिलिंडर। संवाद
प्राइवेट बस की डिग्गी में रखे मिले तीन एलपीसी सिलिंडर। संवाद