फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कटीले तारों में उलझकर बाघ घायल

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
कटीले तारों में उलझकर घायल हुआ बाघ

दो बाघों की मौजूदगी से क्षेत्र में दहशत
ममरी। सुंदरपुर गांव के पास बुधवार की सुबह गन्ने के खेतों में दो शावकों के साथ विचरण कर रही बाघिन फत्ते सिंह, राजेंद्र वर्मा के खेत की मेड़पर लगे कटीले तारों में फंसकर गंभीर रूप से घायल हो गई। उधर बिहारीपुर फार्म निवासी अमरजीत सिंह के खेत में धान की रोपाई कर रहे मजदूरों में उस वक्त भगदड़ मच गई जब नीलगाय का पीछा करते हुए एक बाघ उसी खेत में आ धमका। उसे देख मजदूरों के होश उड़ गए। तुरंत इसकी जानकारी वन कर्मियों को दी गई।
सुंदरपुर के बीडीसी रामकुमार वर्मा, प्रधान रामबिलास, रामस्वरूप, बाबूराम आदि ग्रामीणों ने बताया कि फत्ते सिंह का खेत गांव से 200 मीटर की दूरी पर है। इसके चारों ओर कटीले तार लगे हैं। बुधवार की सुबह एक बाघिन दो शावकों के साथ गन्ने के खेत में विचरण करते हुए आ गई जो कटीले तारों में फंसकर गंभीर रूप से घायल हो गया। बाघिन तारों को तोड़ कर बाहर निकली और खून से लतफत दोनों शावकों के साथ राजेंद्र वर्मा के गन्ने के खेत में चली गई। उसके पगचिह्न खेत में मिले हैं। साथ ही तारों के पास खून भी। लोगों ने बताया कि सूचना देने के बाद भी कोई वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे गांव के लोग दहशत में हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब भी बाघिन गन्ने के खेतों में है।
विज्ञापन
विज्ञापन

उधर बिहारीपुर फार्म के राजपाल सिंह, इंद्रजीत सिंह और गुरिंदर सिंह आदि का कहना है कि उनके चचेरे भाई अमरजीत सिंह के खेत में धान की रोपाई हो रही थी उसी वक्त एक बाघ नीलगाय का पीछा करते हुए वहां आ गया। उसे देखते ही मजदूरों के होश उड़ गए और भगदड़ मच गई। वहां मौजूद लोगों ने शोर मचाया तो बाघ पास के गन्ने के खेत में घुसकर माता भुइयां देवी मंदिर की ओर चला गया। उसके पगचिह्न गन्ने के खेत में मिले हैं। फारेस्टर रामप्रसाद, वनरक्षक राजकुमार, श्याम किशोर शुक्ल का कहना है कि बाघ के तारों में फंसकर घायल होने की सूचना मिली है निगरानी में लगे वन कर्मियों को भेजकर निरीक्षण कराया जा रहा है। यह भी बताया कि बिहारीपुर में दिखने वाला और सुंदरपुर में तारों में फंसकर घायल होने वाला बाघ एक नहीं बल्कि दो हैं। क्योंकि सुंदरपुर से बिहारी पूर्व फार्म की दूरी लगभग 35 किलोमीटर है। वन कर्मियों का कहना है कि यह बाघ घायल हुआ होगा तो उसकी तस्वीर वहां लगे कैमरों में कैद हुई होगी। सभी कैमरों को भी दिखवाया जा रहा है जरूरत पड़ी तो दुधवा से डब्ल्यूटीआई टीम भी बुलाई जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें