27 एलकेएच 8
आठ माह से अधिक काम
कराया, फिर हटा दिया
गलती सिंचाई विभाग की, खामियाजा भुगत रहे 200 युवा
- कलक्ट्रेट पहुंचे प्रशिक्षु, डीएम को सुनाया दुखड़ा
- मानदेय भी नहीं दिया, डीएम ने दिया आश्वासन
लखीमपुर खीरी।
अपने आदेशों को ही त्रुटिपूर्ण मानते हुए सिंचाई विभाग ने गलतियों को तो संभाल लिया, लेकिन इसका खामियाजा जिले के 200 युवाओं को अपनी अपरेंटिस गवांकर चुकाना पड़ रहा है। इससे गुस्साए प्रशिक्षणार्थियों ने मंगलवार को डीएम से मिलकर अपनी समस्या बताई। डीएम ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है।
मई और जून 2017 में प्रमुख अभियंता सिंचाई विभाग, लखनऊ ने आईटीआई अलीगंज से अपरेंटिस कराने के लिए युवाओं ने मांग की थी। वहां कौशल विकास योजना के तहत तकनीकी प्रशिक्षुओं को एक साल की और गैर तकनीकी में दो साल की अपरेंटिस कराने का दावा किया गया। बांड में इंगित किया गया है कि प्रशिक्षण अवधि में उन्हें 5180 रुपये मानदेय दिया जाएगा। उन्हें यह आश्वासन भी मिला कि विभाग को जरूरत होगी तो इन्हीं प्रशिक्षुओं में ही रिक्तियां आने पर वरीयता दी जाएगी।
प्रमुख अभियंता सिंचाई के आदेश पर ही जिले के अधिशासी अभियंता नलकूप खंड में पंप ऑपरेटर कम मैकेनिक ट्रेड में जिले के 200 युवाओं का प्रशिक्षण शुरू कराया गया, लेकिन आठ महीना भी नहीं बीते कि प्रमुख अभियंता सिंचाई, लखनऊ के यहां से एक और आदेश आ गया। इसमें बताया गया कि पूर्व के निर्देशों को त्रुटिपूर्ण पाते हुए गैर तकनीकी प्रशिक्षणार्थियों को तत्काल प्रभाव से हटा देने का आदेश देे दिया गया, जिसके क्रम में यहां के प्रशिक्षु हटा भी दिए गए हैं। परेशान प्रशिक्षु मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचे और डीएम से मिलकर पूर्व आदेश के अनुसार प्रशिक्षण शुरू कराने की मांग की। डीएम ने मामले प्रशिक्षणार्थियों को भरोसा दिया है।
कौशल विकास योजना का उड़ाया मजाक
अपरेंटिस यानी मानदेय सहित प्रशिक्षण प्राप्त कर हटाए जाने वाले श्याम किशोर तिवारी, संदीप कुमार, मोहित कुमार, सुमिता वर्मा, अमित भारती, इंद्रेश कुमार वर्मा, फरहान खान, नितिका रस्तोगी, महबूब अली, योगेश कुमार, अरविंद कुमार, राहुल वर्मा, रंजीत वर्मा, विवेक मिश्रा ने आरोप लगाया है कि यह तो प्रदेश में सीधे तौर पर प्रधानमंत्री की कौशल विकास योजना का मजाक उड़ाया गया है। पहले नौकरी का आश्वासन देकर प्रशिक्षण पर रखा गया, मानदेय दिया गया और दो साल का प्रशिक्षण बता छह से आठ महीने में ही हटा दिया गया। इन लोगों ने डीएम से जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।
गैर तकनीकी को तकनीकी की पोस्ट पर प्रशिक्षण दिलाने का आदेश सभी को अखरा था, लेकिन आदेश का पालन कराया जाना ही था। उन्होंने अब नये आदेश के क्रम में इन लोगों को हटाया है, हालांकि इस पर मंत्रणा चल रहा है। यदि संशोधित आदेश में इन्हें फिर रखने का आदेश आता है तो सभी का फिर से प्रशिक्षण शुरू करा दिया जाएगा।
- मोहम्मद आसिफ, अधिशासी अभियंता