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संस्कृत भाषा संपूर्ण ज्ञान,
विज्ञान का भंडार : वाचस्पति
एक दिवसीय संस्कृत सम्मेलन में गूंजी देववाणी
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी।
संस्कृत संस्थान के अध्यक्ष वाचस्पति मिश्र ने कहा कि संस्कृत संपूर्ण विश्व को संस्कार और मानवता का पाठ पढ़ाने वाली सुंदर संस्कारों की भाषा है। संपूर्ण ज्ञान और विज्ञान का भंडार है। वह नसीरुद्दीन मौजी भवन में आयोजित एक दिवसीय संस्कृत सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। विशिष्ट अतिथि विधायक योगेश वर्मा ने संस्कृत के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए इसे भारत की आत्मा बताया।
संस्कृत सम्मेलन में सब कुछ संस्कृतमय था। इस अनूठे और एतिहासिक दृष्य को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। संस्कृत ग्रंथों में विद्यमान भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जंतु विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, वैमानिक, न्याय, खनिज, आयुर्वेद, इंजीनियरिंग आदि किसानों से परिचय कराती हुई संस्कृत विज्ञान प्रदर्शनी लोगों को जहां अपनी ओर आकर्षित कर रही थी। वहीं संस्कृत वस्तु प्रदर्शनी के माध्यम से लोग संस्कृत शब्दावलियों से भी अवगत हो रहे थे।
संस्कृत ग्राम में खेल रहे बच्चे जहां संस्कृत मेें ही बोलकर खेल रहे थे वहीं वेदपाठ, विद्यालय और संस्कृतगृह में संस्कृत की मधुर ध्वनि गूंज रही थी। प्रांतमंत्री डॉ. ओंकार नरायन दुबे ने संस्कृत भारती के कार्यों को बताते हुए कहा कि जन-जन तक संस्कृत को पहुंचाने और इसकी स्वीकार्यता बढ़ाने के लिए प्रत्येक कार्यकर्ता तन मन धन से जुटा है। सम्मेलन के प्रायोजक महराजदीन शुक्ल स्मृति न्यास ने लखीमपुर में संस्कृत को जन-जन तक पहुंचाने वाली मीना कुमारी को 5100 रुपये नकद और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
सह प्रायोजक लखीमपुर अर्बन कोऑपरेटिव बैंक के पदाधिकारियों ने भी संस्कृत भाषा के प्रचार के लिए सतत सहयोग करने का आश्वासन दिया। सम्मेलन में रोटरी क्लब, भारत विकास परिषद, इनर व्हील क्लब, संकल्प संस्था आदि का विशेष सहयोग रहा। सम्मेलन के दौरान विद्यार्थियों ने संस्कृत भाषा में मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। इसमें वचनबद्ध नाटक की दमदार प्रस्तुति और संस्कृत लोक नृत्यों ने सभी का मन मोह लिया। संस्कृत भारती के जिलाध्यक्ष डॉ. कृष्ण कुमार श्रीवास्तव ने अतिथियों का आभार जताया।