फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आठवीं आलम का जुलूस निकाला गया

विज्ञापन
आठवीं आलम का जुलूस निकाला गया - फोटो : लखीमपुर खीरी, अमर उजाला
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी।
विज्ञापन

आठवीं का जुलूस अकीदत और एहतराम के साथ निकाला गया। मुहर्रम के चलते आठवीं के जुलूस में इमाम हुसैन के बहत्तर साथियों की शहादत का गम मनाया।
खीरी टाउन। मुहर्रम के आठवीं का जुलूस अंजुमन गुलामाने हुसैन और अंजुमन हुसैनियां ने नमाजे जुमा के बाद सुन्नी इमामबाडे़ से अलम जुलजना (दुलदुल घोड़ा)निकाला गया। इस दौरान दोनों अंजुमनों ने नौहे पढे़ और आसुओं से खिराजे अकीदत पेश किया। जूलूस शेखसराय, बाजार, अवधी टोला होता हुआ देर शाम को मुगली टोला स्थित शिया इमामबाड़ा पहुंचा। रास्ते में लोगों ने इमाम हुसैन के कर्बला में हुए जुल्म को याद किया। इस मौके पर अंजुमन गुलामाने हुसैन के अब्बन जैदी, तफसीर और अंजुमन हुसैनिया के शोएब हुसैन, राज हुसैन आदि ने नौहे मरसिए पढे़। आठवीं का जुलूस शिया इमामबाड़े में देर रात को संपन्न हुआ।
मोहम्मदी। आलम का जुलूस बड़े अकीदत के साथ देवस्थान से उठकर बाजार खुर्द में स्थित इमामबाड़ा पहुंचा, जहां से दोनों जुलूस हाय हुसैन हाय हुसैन की सदाओं के बीच में निकाले गए। जुलूस का नेतृत्व अंजुमन के अध्यक्ष मोहम्मद अब्बास नकवी ने किया। इस मौके पर अफजल जैदी, रानू जैदी आदि मौजूद रहे। जुलूस में महिलाओं ने भी शिरकत कर खिराजे अकीदत पेश की। जुलूस इमामबाड़े में देर रात समाप्त हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन

अमीरनगर। जुलूस कस्बे में इमाम चौक से निकाला गया जो मोहम्मदी-लखीमपुर मार्ग से होकर कर्बला में पहुंचा जहां पर छतुरी, मोहम्मदपुर के जुलूस एकत्र हुए, जिसमें मातमी धुनों के साथ या हुसैन की सदाएं सुनाई दे रही थी। ताजियादार इस्राहिल खां ने बताया कि इस ताजिए की कीमत 25 हजार रुपये की है। ताजिए की ऊंचाई करीब 50 फुट है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें