लखीमपुर खीरी/पलियाकलां। क्षेत्र में सुबह दस बजे से शुरू हुई बरसात के बाद शारदा और सुहेली नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। सुहेली नदी का जलस्तर बढ़ने से दुधवा रोड के दोनों किनारों पर तेज बहाव के साथ पानी चल रहा है। वहीं निचले गांव चंबरबोझ, निषादनगर, घोला, देवीपुर आदि गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। दूसरी तरफ शारदा नदी भी विकराल हो गई है। शारदा की बाढ़ का पानी दौलतापुर, मटैहिया आदि गांव में प्रवेश कर गया है। दोनों नदियों ने किसानों की फसलों को भी तबाह करने का सिलसिला शुरू कर दिया है।
सुबह दस बजे के बाद से शुरू हुई बरसात देर शाम तक जारी रहा। केन्द्रीय जल आयोग के जेई अतुल कुमार पचौरी ने बताया कि लगातार हो रही बारिश से शारदा नदी उफना गई है। बताया कि दोपहर तीन बजे शारदा नदी का जलस्तर 154.600 पर बह रहा था। जबकि नदी लगातार बढ़ ही रही थी। बताया कि पहाड़ों पर भी हो रही बरसात से नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। नदी का जलस्तर बढ़ने से दौलतापुर, मटैहिया गांव में पानी घुस गया है। जबकि इमलिया व नानक फार्म जाने वाले रास्तों पर तीन से चार फिट तक पानी चलने से ग्रामीणों को निकलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दौलतापुर में नदी ने फसलों का कटान भी शुरू कर दिया है। उधर सुहेली नदी ने भी निचले गांव चंबरबोझ, देवीपुर, गजरौरा, मुंजहा, चमरौधा, फुलवरिया, निषादनगर, घोला आदि गांवों के ग्रामीणों के आवागमन को बंद कर दिया है। चम्बरबोझ में तो नदी ने पहले से ही रपटा पुल काट दिया था। सुहेली नदी का पानी दुधवा रोड के दोनों किनारों पर तेज बहाव के साथ बह रहा है। इस इलाके की फसलों को भी सुहेली नदी ने अपने आगोश में ले लिया है।
नई बस्ती मटैहिया के ग्रामीणों का प्रदर्शन
नई बस्ती मटैहिया के दर्जनों ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि दो दिनों से घुटनों तक पानी भरा होने के बाद भी प्रशासन यहां नहीं पहुंचा है। ग्रामीणों ने बताया कि घुटनों तक पानी भरा होने के कारण वह अपने घरों में खाना तक नहीं बना पा रहे हैं। जिससे उनके सामने रोजी रोटी की समस्या खड़ी हो गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में आकर हालात की जानकारी लेने के साथ ही मदद करने की मांग की है।