बिजुआ। भीरा थाना क्षेत्र में एक युवक को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर 5.50 लाख रुपये की ठगी का मामला प्रकाश में आया है। ठगों ने उसे पुर्तगाल भेजने का वादा किया था, लेकिन जॉर्डन भेज दिया, जहां युवक तीन महीने से अधिक समय तक बिना नौकरी के भटकता रहा। भारत लौटने पर पीड़ित ने आरोपी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
गड़रियनपुरवा मजरा शाहपुर निवासी सरोज कुमार पुत्र शत्रोहन ने बताया कि रोजगार की तलाश में उनकी मुलाकात पलिया कोतवाली क्षेत्र के बिजौरिया निवासी रंजीत यादव से हुई थी। रंजीत ने उन्हें पुर्तगाल में अच्छी नौकरी और वीजा दिलाने का भरोसा दिलाया, जिसके लिए उसने 5.50 लाख रुपये की मांग की।
सरोज ने रंजीत के बताए खाते में पूरी रकम जमा कर दी। आरोप है कि इसके बाद रंजीत ने पुर्तगाल के बजाय सरोज का वीजा जॉर्डन का बनवा दिया और उसे वहीं भेज दिया। जॉर्डन पहुंचने पर सरोज को ठगी का एहसास हुआ, क्योंकि वहां उसे कोई नौकरी नहीं मिली। सरोज तीन महीने आठ दिन जॉर्डन में बिना नौकरी के रहे।
भारत लौटने पर जब उन्होंने रंजीत से अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपी ने उन्हें धमकाते हुए पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। इस मामले में सरोज ने भीरा थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। भीरा थानाध्यक्ष गोपाल नारायण सिंह ने बताया कि यह मामला पलिया थाना क्षेत्र का है और तहरीर पलिया थाने को भेज दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पलिया थानाध्यक्ष पंकज त्रिपाठी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा।
खाते से सात बार में 4984 रुपये निकाले
निघासन। सिंगाही थाना क्षेत्र के मांझा निवासी नवजोत सिंह पुत्र सतनाम सिंह ने निघासन कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि उनका खाता, बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा निघासन में संचालित है। बीती आठ सितंबर को खाते से सात बार में 500, 500, 500, 984, 999, 999 और 502 रुपये (कुल 4984) निकाल लिए गए। पीड़ित ने बताया कि खाते में कुल 5,585 रुपये जमा थे। कोतवाल महेशचंद ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है। पुलिस साइबर ठगों की तलाश में जुट गई है। संवाद