दुधवा टाइगर रिजर्व में बाघों की सुरक्षा के लिए स्मार्ट पेट्रोलिंग की शुरुआत की गई है। इसमें पेट्रोलिंग टीमों के पास जीपीएस सिस्टम के लैस स्मार्ट फोन होंगे, जो एम स्ट्राइप्स साफ्टवेयर से जुड़े होगे। इस सिस्टम के जरिए यह पता चल सकेगा कि टीम ने किस रास्ते से किन किन क्षेत्रों में पेट्रोलिंग की है। जीपीएस सिस्टम के जरिए यह पता चल सकेगा कि टीम कहां पर हैं। किस जगह पर टीम कितनी देर तक रुकी। पेट्रोलिंग रूट का पूरा नक्शा कंप्यूटर पर देखा जा सकेगा।
दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर रमेश कुमार पांडेय ने पेट्रोलिंग को प्रभावी बनाने के लिए स्मार्ट पेट्रोलिंग की व्यवस्था शुरू की है। स्मार्ट पेट्रोलिंग दुधवा नेशनल पार्क के दक्षिण सोनारीपुर रेंज से शुरू की गई है। जल्दी ही यह व्यवस्था दुधवा नेशनल पार्क के साथ किशनपुर सेक्चुरी, कर्तनियाघाट समेत पूरे दुधवा टाइगर रिजर्व एरिया और बफर जोन में भी लागू की जाएगी।
स्मार्ट पेट्रोलिंग के जरिए जंगल में पेट्रोलिंग करने वाली टीमों पर नजर रखी जा सकेगी। एम स्ट्राइप्स सॉफटवेयर के जरिए पेट्रोलिंग के दौरान सूचनाओं का आदान प्रदान हो सकेगा। किसी जगह टीम के फंस जाने या सहायता की जरूरत पड़ने पर टीम को सहायता भी पहुंचाई जा सकेगी। स्मार्ट पेट्रोलिंग बाघों और दूसरे वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ साथ अन्य वनापराध रोकने में प्रभावी साबित होगा। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल पटेल ने बताया कि दुधवा नेशनल पार्क किशनपुर सेंक्चुरी और कर्तनियाघाट की तरह बफर जोन की मैलानी और भीरा रेंज में भी स्मार्ट पेट्रोलिंग कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि बफर जोन का जंगल भी शिकार और अन्य वनापराधों के लिहाज से काफी संवेदनशील है।