हड़ताल पर उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिबंध लगाने के बावजूद लेखपाल अपने आंदोलन पर अड़े हैं। बुधवार को भी लेखपालों ने कार्य बहिष्कार कर तहसील मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन किया। लेखपाल संघ तहसील इकाई लखीमपुर के अध्यक्ष राम कृष्ण मिश्र ने बताया कि सरकार के प्रतिबंध लगाने के बावजूद वह अपना कार्य बहिष्कार जारी रखेंगे।
लेखपालों के कार्य बहिष्कार से आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र बनने में दिक्कतें आ रही हैं। स्कूल, कॉलेजों में प्रवेश के समय छात्र-छात्राओं को आय, जाति और निवास प्रमाणपत्रों की जरूरत होती है। लेखपालों की हड़ताल के चलते आवेदनपत्रों पर लेखपालों की रिपोर्ट न लगने से प्रमाणपत्र के लिए आवेदन लटक गए हैं। लेखपालों ने 25 जून से ई-डिस्ट्रिक्ट (आय, जाति, आवास) प्रमाणपत्रों के लिए रिपोर्ट लगाने का काम ठप कर रखा है।
बुधवार को उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ तहसील सदर इकाई ने तहसील परिसर में पूर्ण कार्य बहिष्कार कर धरना प्रदर्शन किया। संगठन के मंत्री चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि मात्र 100 रुपये के साइकिल भत्ते पर लेखपाल पूरे महीने सरकारी काम करते हैं। 100 रुपये स्टेशनरी भत्ते पर पूरे महीने लेखन कार्य करते हैं। यह विडंबना है कि एक ओर सरकार सिस्टम अपडेट करने की बात करती है तो दूसरी ओर लेखपालों को संसाधन विहीन कर रही है।
अध्यक्ष रामकृष्ण मिश्र ने कहा कि सरकार ने आवश्यक सेवा संरक्षण अधिनियम (एस्मा) लगाकर अपनी सबसे बड़ी ताकत का प्रयोग कर दिया है। हमारे लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का प्रयास किया है। धरना सभा को जिलाध्यक्ष राम कुमार दीक्षित, मंत्री अतुल कुमार बाजपेई, विनोद कुमार ने भी संबोधित किया। धरने में संजय कुमार श्रीवास्तव, सुरेश कुमार विश्वकर्मा, अनुराग शुक्ला, शैलेंद्र दीक्षित, देशराज सिंह यादव, सुरेंद्र सिंह, राममूर्ति गिरि, राम सूरत, राजेश कुमार मिश्र, संगीता श्रीवास्तव, दीपांशी आदि मौजूद रहे।