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Lakhimpur Kheri News: बाजार में बिकने वाले 47 प्रतिशत दूध में पानी की मिलावट

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लखीमपुर खीरी।
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बाजार में बिकने वाले दूध में अंधाधुंध पानी मिलाया जा रहा। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की प्रयोगशाला रिपोर्ट बता रही है कि दूध के 47 प्रतिशत नमूनों में पानी की मिलावट पाई गई।
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023-24 में 140 नमूनों की रिपोर्ट प्रयोगशाला से प्राप्त हुईं, जिसमें 66 नमूने फेल पाए गए। इनमें फैट कम यानी दूध में पानी मिला पाया गाया। वर्ष 2023-24 में दूध के मामले में 47 कारोबारियों के खिलाफ वाद दायर किए गए थे, जिसमें 35 वादों का निस्तारण कर 11.70 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
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दूध में पानी मिलाने के बढ़ते मामलों पर विभाग ने सख्ती की तो वर्ष 2024-25 में कुछ सुधार देखने को मिला। वर्ष 2024-25 में 65 जांच रिपोर्ट प्राप्त हुईं, जिसमें 10 नमूने फेल पाए। संवाद

ऐसे पहचानें... मिलावट है या नहीं
एक कांच का गिलास लें और उसमें थोड़ा दूध डालें। अब उसमें एक बूंद दूध को ऊपरी सतह से गिराएं। अगर दूध सीधा नीचे बैठ जाता है और सफेद धारी बनती है, तो दूध शुद्ध है। अगर दूध पानी जैसा फैल जाए तो उसमें पानी की मिलावट हो सकती है। अगर ऐसा हो तो तुरंत इसकी शिकायत खाद्य विभाग में करें, ताकि उसका नमूना लेकर जांच की जाए।
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रोजाना 11,120 क्विंटल दूध का उत्पादन
पशु पालन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जनपद में रोजाना 11 हजार 120 क्विंटल दूध का उत्पादन होता है। जिले में 185 दुग्ध समितियां हैं, जिसके माध्यम से लगभग 20,000 लीटर प्रतिदिन दूध का उत्पादन होता है। यह लखनऊ मंडल में सबसे अधिक है। समितियों के माध्यम से आने वाला दूध सीधे लखनऊ भेज दिया जाता। लखनऊ में पराग नाम से दूध की पैकिंग व खीर, दही, पेड़ा सहित 12 प्रकार के खाद्य पदार्थ बनते हैं। जिले में दूध के कारोबार से लाखों लोग जुड़े हैं। इसमें करीब 25 हजार से अधिक महिलाएं भी सक्रिय हैं।
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अकेले शहर में 250 से अधिक दुकानें
दूध हर घर की जरूरत है। शाम ढलते ही शहर में दूध की दुकानें सज जाती हैं। अकेले शहर में करीब 250 से अधिक दुकानें हैं। हर दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ होती है। इसके अलावा दूधिये भी घरों में आपूर्ति करते है। दूध की मांग अधिक होने की वजह से कुछ कारोबारी उसमें पानी मिला लेते हैं। मौजूदा समय भैंस का दूध 60 रुपये लीटर और गाय का 50 रुपये में बिकता है, फिर भी लोग उसमें पानी मिलाते हैं।
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खाद्य पदार्थों के साथ दूध के भी नमूने लिए जाते है। जो नमूना फेल पाया जाता है, उस कारोबारी के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। पिछले दो साल में 73 लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 24 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला जा चुका है। अगर दूध में कहीं संदेह हो तो उसकी जांच कराएं। किसी अनजान से दूध न लें।
-बृजेंद्र शर्मा, सहायक आयुक्त खाद्य
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